कोण्डागांव

महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सीपीआई का प्रदर्शन, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
26-May-2026 11:00 PM
महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सीपीआई का प्रदर्शन, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

कोण्डागांव, 26 मई। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) जिला परिषद कोण्डागांव द्वारा क्षेत्र की विभिन्न स्थानीय व राष्ट्रीय समस्याओं को लेकर अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) कोण्डागांव के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम 6 मांगों का ज्ञापन सौंपा गया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, जिले के मजदूर, किसान, बेरोजगार और ग्रामीण जनप्रतिनिधि कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और इसकी उपलब्धता में कमी के कारण कृषि लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रसोई गैस, ईंधन और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम बढऩे से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। वहीं शिक्षित युवाओं को रोजगार न मिलने से मानसिक व आर्थिक संकट गहरा गया है। शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध न कराए जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य रुके पड़े हैं।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि इन मांगों को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लेकर जल्द पूरा नहीं किया गया, तो सीपीआई उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सीपीआई बस्तर संभाग संयोजक एवं राज्य सचिव मंडल सदस्य तिलक पाण्डे, जिला सचिव शैलेष, सह-सचिव दिनेश व जयप्रकाश, बिसम्बर, दुबेश, रामचंद्र, मानसिंह और सोमनाथ सहित कई कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सीपीआई की 6 प्रमुख मांगें

1. डीजल-पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों पर तत्काल नियंत्रण किया जाए। ईंधन की कमी दूर करने के लिए रूस या अन्य मित्र देशों से ईंधन का आयात कर जनता को सही मूल्य पर उपलब्ध कराया जाए।

2. आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग की खनिज संपदा से प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए किया जाए।

3. खनिज राजस्व का एक हिस्सा ग्राम पंचायतों को दिया जाए ताकि रुके हुए विकास कार्य पुन: प्रारंभ हो सकें।

4. बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार जल्द से जल्द ठोस बाजार नियंत्रण नीतियां लागू करे।

5. किसानों को कृषि यंत्र चलाने के लिए आवश्यकतानुसार जरकिन (कैन) में डीजल-पेट्रोल देने के निर्देश पेट्रोल पंप संचालकों को जारी किए जाएं।

6. उपरोक्त समस्याओं का समाधान न हो पाने की स्थिति में, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत वर्तमान सरकार को केंद्र और राज्यों की सत्ता से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।


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