कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 23 मई। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोंडागांव वन मंडल ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले के रियासत कालीन मेंढर तालाब परिसर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। अमरावती वन परिक्षेत्र में स्थित यह तालाब, जो कभी राजाओं और अंग्रेजों का शिकारगाह हुआ करता था, अब संरक्षण और पर्यटन का केंद्र बनेगा।
मेंढर तालाब परिसर में वन विभाग द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों के लिए विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जिसमें उनकी प्रतिभा को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएफओ चूड़ामणि सिंह ने इस वर्ष की थीम ‘वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना’ पर प्रकाश डाला।
डीएफओ ने जल, जंगल, जमीन और वन्यजीवों के पारिस्थितिक तंत्र (इकोसिस्टम) को समझाते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब जंगलों और उनके प्राणियों का संरक्षण करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।
यह पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


