कोण्डागांव

अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल, लोक अदालत व हिट एंड रन मामलों पर बैठक
07-May-2026 10:14 PM
अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल, लोक अदालत व हिट एंड रन मामलों पर बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 7 मई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष खिलावन राम रिगरी की अध्यक्षता में अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल, नेशनल लोक अदालत और हिट एंड रन मामलों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक मध्यस्थता कक्ष में हुई।

बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, केंद्रीय जेल जगदलपुर के कल्याण अधिकारी शिवप्रसाद करसायल, उप जेल नारायणपुर के सहायक जेल अधीक्षक पीयूष जगदाले, लोक अभियोजन अधिकारी तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में ऐसे विचाराधीन बंदियों के मामलों पर चर्चा की गई, जो लंबे समय से जेल में हैं, जिनकी जमानत हो चुकी है लेकिन वे शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे हैं, अथवा जिन्होंने संभावित सजा अवधि का बड़ा हिस्सा जेल में बिताया है। बैठक में संबंधित अधिकारियों को पात्र मामलों में विधि अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बंदियों के अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में शंकर महतो से संबंधित मामले तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रस्तावित समाधान समारोह एवं अगस्त में आयोजित किए जाने वाले विशेष लोक अदालत कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई।

मॉनिटरिंग सेल की बैठक में नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन निर्माण प्रक्रिया, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निर्माणाधीन आवास, तथा पीडि़तों और उनके परिजनों के लिए सुविधायुक्त कक्ष निर्माण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भवन निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के संबंध में कलेक्टर को निर्देश दिए।

9 मई  को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में अधिक संख्या में राजस्व प्रकरण रखने और उनके निराकरण के संबंध में चर्चा की गई।

 इसके अलावा 18 जुलाई 2026 को प्रस्तावित लोक अदालत में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों के निराकरण पर भी विचार किया गया।

बैठक में हिट एंड रन मामलों में सडक़ दुर्घटनाओं से मृतक एवं घायलों को मुआवजा प्रक्रिया से जोडऩे पर चर्चा हुई। पुलिस और परिवहन विभाग को संबंधित दस्तावेज तैयार कर एसडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक स्तर पर शिविर और जनजागरूकता गतिविधियों के समन्वय पर भी चर्चा की गई।


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