कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 3 मई। कोंडागांव जिले के फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह कोंडागांव जिले का पहला सीएचसी है, जिसने राष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणीकरण असेसमेंट में सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है।
नेशनल एसेसरों की टीम ने दो दिनों तक सीएचसी का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया।
सीएचसी के चिकित्सकों, विशेषज्ञों एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा न केवल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इस उपलब्धि में फील्ड स्तर के स्टाफ का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ-साथ असेसमेंट की तैयारियों में भी पूर्ण समर्पण के साथ सहभागिता निभाई।
इस पूरी प्रक्रिया में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भावना महलवार का प्रभावी नेतृत्व और योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। साथ ही, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम द्वारा निरंतर तकनीकी सहयोग एवं हैंड-होल्डिंग सपोर्ट प्रदान किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि सीएचसी का प्रत्येक विभाग निर्धारित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करे।
इस सहयोग के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य कर्मियों में आत्मविश्वास में वृद्धि हुई, टीम वर्क को मजबूती मिली तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हुई। असेसमेंट की तैयारियों में संभागीय गुणवत्ता सलाहकार डॉ. मनीष नायक द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
इसके साथ ही, जिला एवं ब्लॉक टीम का भी उल्लेखनीय योगदान रहा, जिसमें बीएमओ डॉ. ज्योतिर्मय, श्री झम्मन लाल वर्मा (एपिडेमियोलॉजिस्ट), डॉ. जे. विनय जोएल (फ्लोरोसिस सलाहकार), इमरान खान (हृङ्कक्चष्ठष्टक्क सलाहकार), बीपीएम चेतन चौहान, हर्षा ठाकुर (स्टाफ नर्स एवं नेशनल एसेसर) तथा नीतू करमकार (पब्लिक हेल्थ नर्स) की सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग शामिल रहा।
यह उपलब्धि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सशक्त नेतृत्व, तकनीकी विशेषज्ञता और टीम आधारित समन्वित प्रयासों के माध्यम से दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है। फरसगांव सीएचसी की यह उपलब्धि अब जिले एवं प्रदेश के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रही है।


