कोण्डागांव

बाल अधिकार संरक्षण प्रशिक्षण
12-Apr-2026 11:02 PM
बाल अधिकार संरक्षण प्रशिक्षण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 12 अप्रैल। बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और विधिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 10 अप्रैल को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष खिलावन राम रीगरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

इस प्रशिक्षण में न्यायिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अधिकार मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) प्रतिभा मरकाम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय तथा जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, पॉक्सो एक्ट, शिक्षा के अधिकार अधिनियम तथा बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी देना रहा। साथ ही इन प्रावधानों को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने पर भी चर्चा की गई।

प्रधान न्यायाधीश ने बाल श्रम निषेध, बाल विवाह रोकथाम, विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के साथ होने वाले शोषण व भेदभाव की रोकथाम पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई छात्र 3-4 दिन तक लगातार अनुपस्थित रहता है, तो उसकी मॉनिटरिंग की जाए।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों व वालंटियर्स की संवेदनशीलता और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को स्कूलों के सभी शिक्षक-स्टाफ और विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि बाल अधिकारों के प्रति व्यापक जागरूकता सुनिश्चित हो सके।


अन्य पोस्ट