कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 30 मार्च। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी केशकाल में भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। समाज की जिनशासन महिला संगठन द्वारा 28 से 31 मार्च तक चार दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखला देखने को मिल रही है।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 5.30 से 7 बजे तक भव्य शोभायात्रा विभिन्न स्थानों पर निकाली जा रही है। इस शोभायात्रा के माध्यम से अहिंसा, शांति और ‘परमो धर्म’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया है। समाज द्वारा जगह-जगह शर्बत वितरण किया जा रहा है, वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए खिचड़ी वितरण की व्यवस्था भी की गई है। जिनशासन महिला संगठन की महिलाओं ने हर कार्यक्रम में बढ़-चढक़र भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया है।
ज्ञात हो कि 30 मार्च की संध्या को ओसवाल भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, महिलाओं और समाज के लोगों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। वहीं 31 मार्च को महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर पूरे दिन विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के दौरान समाज के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान महावीर के उपदेश—अहिंसा, शांति, समभाव और विश्व कल्याण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। उल्लेखनीय है कि भगवान महावीर स्वामी, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, का जन्म लगभग 2600 वर्ष पूर्व चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन कुंडलपुर (बिहार) में हुआ था। उन्होंने त्याग, तपस्या और आत्मज्ञान के माध्यम से समाज को अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का मार्ग दिखाया। महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे पवित्र पर्व माना जाता है, जिसमें प्रभात फेरी, पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और जीव दया जैसे कार्यों के माध्यम से ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया जाता है। केशकाल में आयोजित यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज सेवा और मानव कल्याण की भावना को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।


