कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 24 मार्च। कोण्डागांव जिले में सर्व आदिवासी समाज के विश्राम भवन एवं कॉम्प्लेक्स को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भवन पर अधिकार को लेकर समाज के भीतर दो गुटों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। एक ओर जहां छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष होने का दावा करने वाले पनकूराम नेताम ने सोमवार 23 मार्च को चौपाटी मैदान में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, वहीं दूसरे गुट ने इसे अवैधानिक बताते हुए विरोध जताया है।
पनकूराम नेताम ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि आदिवासी विश्राम भवन को सुपुर्द किए जाने के लिए कई बार लिखित और मौखिक निवेदन किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में उच्च न्यायालय बिलासपुर से आदेश मिलने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे नाराज होकर धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।
इधर, रविवार शाम आदिवासी विश्राम भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में सर्व आदिवासी समाज के दूसरे गुट ने पनकूराम नेताम के दावे को खारिज कर दिया।
प्रेसवार्ता में समाज के अध्यक्ष भंगाराम सोरी सहित 12 प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पनकूराम नेताम न तो निर्वाचित हैं और न ही मनोनीत अध्यक्ष। 24 फरवरी 2024 को सर्वसम्मति से भंगाराम सोरी को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जबकि पनकूराम नेताम को प्रस्तावक तक नहीं मिला था और उन्होंने चुनाव का बहिष्कार किया था।
दूसरे गुट का कहना है कि आदिवासी समाज भवन किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज की संपत्ति है, इसलिए उस पर व्यक्तिगत दावा गलत है। उन्होंने प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को भी अनुचित बताते हुए इसका पुरजोर विरोध करने की बात कही है।
इस घटनाक्रम से कोण्डागांव जिले में आदिवासी समाज के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है और आने वाले दिनों में स्थिति और गरमाने की संभावना जताई जा रही है।


