कोण्डागांव

108 नक्सलियों का समर्पण, डीवीसीएम रामधर कश्यप के सरेंडर से कोण्डागांव नक्सलमुक्ति की ओर
14-Mar-2026 10:24 PM
108 नक्सलियों का समर्पण, डीवीसीएम रामधर कश्यप के सरेंडर से कोण्डागांव नक्सलमुक्ति की ओर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 14 मार्च। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस के समक्ष 108 सक्रिय नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कोण्डागांव जिले में सक्रिय पूर्वी बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी सदस्य) रामधर कश्यप उर्फ बीरू भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार बीरू पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

रामधर कश्यप उर्फ बीरू के आत्मसमर्पण को कोण्डागांव जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि बीरू जिले में डीवीसीएम स्तर का अंतिम सक्रिय नक्सली नेता था। उसके सरेंडर के साथ ही जिले में इस श्रेणी का कोई भी नक्सली कमांडर अब सक्रिय नहीं बचा है। ऐसे में माना जा रहा है कि कोण्डागांव जिला अब नक्सल प्रभाव से लगभग मुक्त हो चुका है और यहां नक्सली संगठन की कमान संभालने वाला कोई बड़ा नेता नहीं बचा है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी जिले को औपचारिक रूप से 100 प्रतिशत नक्सलमुक्त घोषित नहीं किया गया है, लेकिन हालात इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

 इस संबंध में कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि, इससे पहले कुएंमारी एरिया कमेटी, किसकोड़ो एरिया कमेटी और केशकाल डिवीजन कमेटी से जुड़े नक्सली अक्टूबर में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब शेष बचे प्रमुख एरिया कमेटी के सक्रिय नक्सली नेताओं ने भी हथियार डाल दिए हैं।

 उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले के लगभग 18 गांवों के आसपास ही नक्सलियों की सीमित आवाजाही गमन मार्ग के रूप में देखी जा रही है, लेकिन पुलिस इनकी हर गतिविधि और मूवमेंट पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

 पुलिस अधीक्षक ने यह भी दावा किया कि केंद्र और राज्य स्तर पर चल रहे समन्वित अभियान के तहत 31 मार्च तक कोण्डागांव जिले को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पड़ोसी जिलों और राज्यों की सुरक्षा बलों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


अन्य पोस्ट