कोण्डागांव
पीडब्ल्यूडी में स्टाफ की कमी उजागर, एक अधीक्षण
अभियंता संभाल रहा दो संभाग
-प्रकाश नाग
केशकाल, 12 मार्च (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। बस्तर संभाग में अधिकारियों की कमी अब प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्ट दिखाई देने लगी है। कई विभागों में एक ही अधिकारी को एक से अधिक इकाइयों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
जानकारी के अनुसार एक कार्यपालन अभियंता (ईई) को तीन अलग-अलग विभागों का प्रभार सौंपा गया है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग जगदलपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग कोंडागांव तथा सेतु संभाग जगदलपुर शामिल हैं।
इसी तरह लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़) में एक अधीक्षण अभियंता को कांकेर संभाग और जगदलपुर संभाग दोनों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। बस्तर संभाग का भौगोलिक क्षेत्र व्यापक होने के कारण अधिकारियों को विभिन्न जिलों में लगातार दौरे करने पड़ते हैं।
सडक़ और पुल निर्माण से जुड़े कई काम एक साथ चलने के कारण विभागीय जिम्मेदारियाँ भी बढ़ी हुई हैं।
राज्य सरकार के 2026-27 के बजट में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में सडक़ और कनेक्टिविटी से जुड़े कई निर्माण कार्यों के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लोक निर्माण विभाग और उससे जुड़े अन्य निर्माण विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
बस्तर में कितने करोड़ के काम
राज्य सरकार के 2026-27 के बजट में बस्तर संभाग के कई जिलों में सडक़ और कनेक्टिविटी से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। कोंडागांव जिला - लगभग 640-650 करोड़ रुपये बस्तर जिला - लगभग 300-400 करोड़ रुपये सुकमा जिला - लगभग 200-250 करोड़ रुपये नारायणपुर जिला - लगभग 150-200 करोड़ रुपये कुल मिलाकर बस्तर संभाग में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2000 से 2300 करोड़ रुपये के सडक़ और कनेक्टिविटी कार्य स्वीकृत या प्रस्तावित बताए जाते हैं।
किस अधिकारी पर कितने विभाग
कार्यपालन अभियंता (ईई): राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, जगदलपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, कोंडागांव, सेतु संभाग, जगदलपुर
अधीक्षण अभियंता: कांकेर संभाग,
जगदलपुर संभाग


