कोण्डागांव

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का दो दिनी धरना-प्रदर्शन
26-Feb-2026 10:42 PM
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का दो दिनी धरना-प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 26 फरवरी। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति और केंद्र तथा राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है।

संघ के आह्वान पर आंदोलन के प्रथम चरण में 26 और 27 फरवरी को जिला मुख्यालय तथा ब्लॉक मुख्यालयों में सामूहिक अवकाश लेकर कार्य बंद किया गया और धरना-रैली निकाली गई। इसके माध्यम से भारत सरकार तथा छत्तीसगढ़ शासन से उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई।

धरना प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने कहा कि उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जिस प्रकार अन्य कर्मियों को नीति बनाकर नियमित किया गया है। जब तक उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम वेतन प्रदान किया जाए तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर सभी सुविधाएं लागू की जाएं और प्रतिवर्ष मानदेय में वृद्धि की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा के तहत मासिक पेंशन, बीमा, सेवानिवृत्ति और मृत्यु की स्थिति में एकमुश्त आर्थिक सहायता जैसे लाभ देने की भी मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क सुविधा सीमित होने के बावजूद उनसे मोबाइल आधारित कार्य कराया जाता है, लेकिन मोबाइल रिचार्ज के लिए कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्य के साथ-साथ तेंदूपत्ता संग्रहण, बीएलओ सहित अन्य विभागीय कार्यों का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा जाता है, जिससे कार्यभार बढ़ता है। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान की मांग की।

आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से वे विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के मामले में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा।


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