कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल/फरसगांव, 26 फरवरी। वन मंडल केशकाल अंतर्गत निस्तार डिपो फरसगांव में बुधवार को जिला वनोपज सहकारी समिति मर्यादित केशकाल स्तर पर तेंदूपत्ता शाखकर्तन (बूटा कटाई) विषयक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य तेंदूपत्ता उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार, वैज्ञानिक पद्धति का प्रचार-प्रसार तथा वन आधारित आजीविका को मजबूत बनाना रहा ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ रायपुर के अध्यक्ष रूपसाय सलाम रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में नगर पंचायत फरसगांव अध्यक्ष प्रशांत पात्रे, सरपंच संघ बस्तर संभाग अध्यक्ष झाड़ीराम सलाम, हल्बा समाज जिला कोंडागांव अध्यक्ष शिवकुमार पात्रे एवं जनपद सदस्य विजय मरकाम सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं सरपंच उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंध संचालक एवं वनमंडलाधिकारी केशकाल दिव्या गौतम ने की।
डीएफओ ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में तेंदूपत्ता शाखकर्तन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक विधियों की विस्तार के साथ बेहतर गुणवत्ता के पत्तों के उत्पादन के लिए शाखकर्तन कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार सावधानीपूर्वक किया जाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण में तेज धार वाले औजार अथवा फावड़ा (राफा) के उपयोग, पौधों को सुरक्षित रखते हुए संतुलित कटाई तथा समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
ग्रामीण आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य में मुख्य अतिथि रूपसाय सलाम ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख आधार है।
वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से बेहतर गुणवत्ता के पत्तों का उत्पादन होगा, जिससे संग्राहकों को अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कार्यक्रम के अंत में उप वनमंडलाधिकारी सुषमा जे नेताम ने उपस्थित अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला तेंदूपत्ता उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा वन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
इस अवसर पर उप वनमंडलाधिकारी फरसगांव नन्द कुमार सिंहा, उप वनमंडलाधिकारी केशकाल सुषमा जे नेताम सहित वन मंडल के समस्त वन परिक्षेत्राधिकारी, मैदानी वन कर्मचारी, पोषक अधिकारी, प्रबंधक, फड़ मुंशी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।


