कोण्डागांव

गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक क्रीड़ा व बौद्धिक उत्सव
17-Feb-2026 10:25 PM
 गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक क्रीड़ा व बौद्धिक उत्सव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 17 फरवरी। शासकीय गुण्डाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में वार्षिक क्रीड़ा उत्सव का शुभारंभ अत्यंत उत्साह, ऊर्जा और अनुशासन के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में तथा क्रीड़ा विभाग के हुमन राम यदु क्रीड़ा अधिकारी के संयोजन में आयोजित इस बहुआयामी आयोजन ने प्रथम दिवस से ही पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया।

प्रथम दिवस पर एथलेटिक्स स्पर्धाओं में छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 100 मीटर एवं 200 मीटर दौड़ (महिला एवं पुरुष वर्ग), गोला फेंक, तवा फेंक, ऊँची कूद एवं लंबी कूद जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी गति, शक्ति और संतुलन का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। प्रत्येक स्पर्धा में खिलाडिय़ों ने खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया तथा प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया।

इसी के साथ बौद्धिक प्रतियोगिताओं के अंतर्गत निबंध लेखन, तात्कालिक भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता का विषय आधुनिक परिवेश में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई): संभावनाएं एवं चुनौतियां’ रहा, जिस पर प्रतिभागियों ने समसामयिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय ‘इस सदी की युवा पीढ़ी में सोशल मीडिया उपयोग के बजाय उसका अधिक दुरुपयोग हो रहा है’ रहा, जिस पर पक्ष-विपक्ष में सारगर्भित तर्क प्रस्तुत किए गए। तात्कालिक भाषण में प्रतिभागियों ने अपनी वैचारिक परिपक्वता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

उल्लेखनीय है कि प्रथम दिवस में प्राध्यापक वर्गीय क्रिकेट मैच भी आकर्षण का केंद्र रहा। नियमित प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की टीम ‘गुंडाधुर चैंपियंस’ ने अतिथि व्याख्याताओं की टीम ‘गुंडाधुर वॉरियर्स’ को रोमांचक मुकाबले में मात्र चार रनों से पराजित किया।

गुंडाधुर चैंपियंस के कप्तान डॉ. पुरोहित सोरी ने शानदार 51 रनों की पारी खेली, जबकि उपकप्तान डॉ. आकाश वासनीकर ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को निर्णायक बढ़त दिलाई। यह मैच खेल भावना, रणनीति और उत्साह का अद्भुत उदाहरण रहा।

समस्त खेल एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढक़र भाग लिया, जिससे महाविद्यालय में प्रतिस्पर्धात्मक ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का संचार हुआ। प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल और बौद्धिक गतिविधियां व्यक्तित्व विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का विकास करते हैं।

वार्षिक उत्सव के द्वितीय दिवस के खेल प्रतियोगिताओं में शतरंज, बैडमिंटन, रस्सा कशी, खो-खो और कबड्डी आयोजन होगा रचनात्मक कार्यक्रम में मेंहदी, रंगोली, पुष्प-सज्जा, बेस्ट आऊट ऑफ वेस्ट, चित्रकला की प्रतियोगिताएं होंगी जिससे महाविद्यालय परिवार में उत्साह और रचनात्मकता का वातावरण निरंतर बना रहेगा।


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