कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 28 जनवरी। शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में गणतंत्र दिवस का आयोजन गरिमामय एवं देशभक्ति के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसे महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. किरण नूरुटी ने सम्पन्न कराया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया तथा शासन के निर्देशानुसार वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने भारतीय सेना एवं पुलिस बल में सेवाएं देते हुए अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया तथा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए। इसके साथ ही स्थानीय जननायक गुण्डाधुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
मंचीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ध्वजारोहण अधिकारी डॉ. किरण नूरुटी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की मूल भावना न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझें और अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रप्रेम को अपने आचरण में शामिल करें।
प्राध्यापक डॉ. पुरोहित सोरी ने कहा कि गणतंत्र भारत की पहचान उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के आदर्शों के प्रति सजग और जागरूक बने रहने की बात कही।
प्राणिशास्त्र विभागाध्यक्ष शोभाराम यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि आज का यह पर्व हमें त्याग, संघर्ष और बलिदान की परंपरा से जोड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और देश के प्रति सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।सहायक प्राध्यापक अर्जुन नेताम ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 जनवरी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का उत्सव है।
उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष समलेश पोटाई ने अपने संबोधन में कहा कि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्रहित में कार्य करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, ओजस्वी भाषण एवं आकर्षक देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिनसे सम्पूर्ण परिसर राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित जनसमूह ने भरपूर सराहना दी।
कार्यक्रम का कुशल संचालन रसायन शास्त्र के प्राध्यापक नसीर अहमद द्वारा किया गया, जबकि डॉ. आकाश वासनीकर ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सफल आयोजन के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम अनुशासन, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ संपन्न हुआ।


