कोण्डागांव

मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम: स्वास्थ शिविर में सैकड़ों की जांच
23-Jan-2026 10:34 PM
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम: स्वास्थ शिविर में सैकड़ों की जांच

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 23 जनवरी। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार जिले में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर एक कार्ययोजना तैयार की गई है।

योजना के तहत सभी विकासखंडों में उन आश्रित केंद्रों एवं ग्रामों को चिन्हांकित किया गया है, जहां मलेरिया दर 10 एपीआई के भीतर है। इन केंद्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए साप्ताहिक कार्य योजना बनाई गई है।

बीएमओ डॉ. हरेंद्र बघेल एवं कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. सोनल ध्रुव ने बताया कि मलेरिया नियंत्रण के लिए सोमवार से शनिवार तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत समुदाय, स्कूलों एवं आश्रम छात्रावासों में भ्रमण कर मलेरिया से बचाव से संबंधित जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत की गई गतिविधियों की साप्ताहिक रिपोर्टिंग सेक्टर स्तर से ली जा रही है।

जन-जागरूकता गतिविधियों के दौरान समुदाय को मलेरिया के कारण, रोकथाम के उपाय एवं इसके लक्षणों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही यदि किसी केंद्र अथवा ग्राम पारा में एक सप्ताह के भीतर दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज सामने आते हैं, तो संबंधित गांव या पारा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर जांच, उपचार एवं जागरूकता कार्य किया जा रहा है।

इसी क्रम में कोंडागांव विकासखंड के सेक्टर बुनागांव अंतर्गत बनजुगानी केंद्र के आश्रित ग्राम मडगांव एवं किबईबालेगा के ग्राम पारा में 22 जनवरी को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न केंद्रों के स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं संबंधित क्षेत्र की मितानिनों द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया गया।

शिविर में 20 संभावित मलेरिया मरीजों का पंजीयन कर जांच की गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। मलेरिया जांच के साथ-साथ बीपी, शुगर एवं एनीमिया की जांच कर आवश्यक उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त 20 नागरिकों की आभा आईडी बनाई गई, 3 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए तथा लगभग 200 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने, भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने तथा किसी भी प्रकार की शारीरिक समस्या होने पर ग्राम पारा की मितानिन या स्वास्थ्य कर्मचारी से संपर्क कर उपचार कराने के लिए जानकारी दी गई।

इस अवसर पर सेक्टर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सोनल ध्रुव, ग्रामीण चिकित्सा सहायक श्वेता देवांगन, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक भूपेश नायक सहित स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी एवं ग्राम पारा की मितानिनें उपस्थित रहीं।


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