खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

गोसईय्याँ कार्यक्रम: उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पति सहभागिता पर विशेष जोर
26-May-2026 3:21 PM
गोसईय्याँ कार्यक्रम: उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पति सहभागिता पर विशेष जोर

खैरागढ़, 26 मई।  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में मातृत्व स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण हेतु ‘गोसईय्याँ कार्यक्रम’ का आयोजन प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान आयोजन किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, जिला नोडल अधिकारी मातृत्व स्वास्थ्य डॉ. मनीष बघेल एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन, तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों के सुपरविजन में चिकित्सा अधिकारियों, खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारियों तथा सेक्टर पर्यवेक्षकों द्वारा सिविल अस्पताल खैरागढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेष मातृत्व स्वास्थ्य गतिविधियाँ संचालित की गईं। अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं विशेषकर उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, जोखिम चिन्हांकन, आवश्यक परामर्श, पोषण मार्गदर्शन एवं संस्थागत प्रसव हेतु जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। साथ ही गर्भवती महिलाओं के पतियों एवं परिवारजनों को सुरक्षित मातृत्व में उनकी जिम्मेदारी एवं सहभागिता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पतियों को बताया गया कि वे गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व गर्भवती जांच  सुनिश्चित करें, समय पर आयरन एवं कैल्शियम दवाइयाँ उपलब्ध कराएँ।

 पौष्टिक आहार एवं पर्याप्त विश्राम सुनिश्चित करें तथा किसी भी खतरे के लक्षण जैसे रक्तस्राव, सूजन, तेज सिरदर्द, सांस फूलना अथवा बच्चे की हलचल कम होने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्थान पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। साथ ही संस्थागत प्रसव हेतु वाहन व्यवस्था, आवश्यक दस्तावेज एवं आपातकालीन तैयारी रखने की भी समझाइश दी गई।

उपस्थित हितग्राहियों को समय पर प्रसव पूर्व गर्भवती जांच, संतुलित आहार, संस्थागत प्रसव एवं खतरे के लक्षणों की पहचान के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान ‘देरी नइ — तुरते अस्पताल ले जाव’ संदेश के माध्यम से समय पर रेफरल एवं उपचार हेतु प्रेरित किया गया।

‘गोसईय्याँ कार्यक्रम’ के माध्यम से जननी एवं शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु समुदाय आधारित पति सहभागिता मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह अभियान आगामी दिनों में ग्राम स्तर पर भी निरंतर संचालित किया जाएगा।


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