कांकेर

नक्सल मोर्चे के दो जांबाजों को राष्ट्रपति से शौर्य चक्र
09-Jun-2026 10:26 PM
नक्सल मोर्चे के दो जांबाजों को राष्ट्रपति से शौर्य चक्र

कांकेर के लक्ष्मण केंवट और रामेश्वर देशमुख ने बढ़ाया मान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कांकेर, 9 जून। नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल के लिए सोमवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता, साहस और नेतृत्व का परिचय देने वाले कांकेर जिले के दो पुलिस अधिकारियों लक्ष्मण केंवट और रामेश्वर देशमुख को देश के प्रतिष्ठित वीरता अलंकरण शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों अधिकारियों को यह सम्मान प्रदान किया।

दोनों अधिकारियों ने बस्तर के दुर्गम और अत्यंत संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफल नेतृत्व किया। विषम परिस्थितियों, कठिन भौगोलिक चुनौतियों और लगातार सुरक्षा जोखिमों के बीच उन्होंने जिस साहस और रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया, उससे सुरक्षा बलों को कई बड़ी सफलताएं मिलीं। उनके नेतृत्व में संचालित अभियानों ने नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कांकेर पुलिस के लिए यह उपलब्धि ऐतिहासिक मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में इस सम्मान को लेकर उत्साह का माहौल है। पुलिस विभाग का मानना है कि यह सम्मान केवल दो अधिकारियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे कांकेर जिले, बस्तर संभाग और छत्तीसगढ़ पुलिस के समर्पण एवं पराक्रम की पहचान है।

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने दोनों अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि शौर्य चक्र प्राप्त करना पूरे जिले और राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पुलिस बल की श्रेष्ठ परंपराओं का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने का संदेश देगी।

कांकेर पुलिस परिवार ने दोनों वीर अधिकारियों को इस राष्ट्रीय सम्मान पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शौर्य चक्र से सम्मानित होने के बाद पूरे बस्तर अंचल में गौरव और उत्साह का वातावरण है।


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