जशपुर

जिन घरों का नशा से संबंध उनका होगा सामजिक बहिष्कार
14-Feb-2026 5:52 PM
जिन घरों का नशा से संबंध उनका होगा सामजिक बहिष्कार

नशा के विरूद्ध सख्त अंजुमन इस्मालिया ने किया एलान

बच्चों को सही राह दिखाना समाज से अधिक उनके परिजनों की है अधिक जिम्मेदारी- सदर महबूब अंसारी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जशपुरनगर, 14 फरवरी।
युवाओं में बढ़ते नशा की आदत और उससे प्रभावित होती जिंदगी और बिगड़ते पारिवारिक हालात को देखकर चिंतित होते हुए अंजुमन इस्लामिया जशपुर ने सख्त निर्णय लिया।

जुम्मा की नमाज से पहले लोगों को संबोधित करते हए सदर महबूब अंसारी ने कहा कि जिन घरों में नशा करने और नशा से संबंधित मादक पदार्थ का व्यापार किया रहा है, ऐसे परिवार का अब सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को ध्यान देने की जिम्मेदारी जितना समाज के ऊपर डाला जाता है, उससे कहीं  अधिक जिम्मेदारी परिवार की और परिजनों की होती है क्योंकि परिवार के बीच जितने समय तक बच्चा रहता है, उतने देर तक वह समाज के बीच नहीं रहता इसलिए अधिक जिम्मेदारी परिजनों की और परिवार की होती है, इसलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

युवाओं पर जोर
अंजुमन इस्लामिया के सदर महबूब अंसारी ने युवाओं पर जोर देते हुए कहा कि युवा देर रात तक घर से बाहर रहते हैं और विभिन्न गैर कानूनी कार्यों में लिप्त रहते हैं इसकी जानकारी उनके परिवार वालों को होती है फिर भी वे उनसे सवाल नहीं करते। नशा का कारोबार कर अधिक पैसा कमाना और उसे खुलेआम खर्च करते हुए परिवार उसे देखते हैं लेकिन आय के स्रोत की जानकारी होने के बाद भी कुछ नहीं कहते। इसलिए ऐसे परिवार भी दोषी हैं। इसलिए जशपुर अंजुमन इस्लामियां अब ऐसे परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लेती है।

एक से पूरा समाज बदनाम होता है
सदर महबूब अंसारी ने कहा कि समाज का कोई एक युवा गलती करे और उससे पूरा समाज बदनाम होता है। परिवार अपने बच्चों के आने जाने पर विशेष ध्यान दें। कुछ अच्छा काम करें जिससे समाज का नाम हो ना कि बदनामी हो।

शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
सदर महबूब अंसारी ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा, जिस धर्म में पढ़ाई को महत्व देने के लिए कुरान उतारा गया जिसका मायने ही बार बार पढऩा है। वह समाज आज शिक्षा से कोषों दूर होकर बुराइयों की ओर बढ़ रहा है। स्कूली शिक्षा में ही लोग पढ़ाई छोड़ रहे हैं। कॉलेज तक 2 प्रतिशत भी नहीं पहुंच रहे हैं यह बेहद ही चिंताजनक है। अंजुमन राह दिखा सकता है लेकिन स्कूल और कॉलेज की सीढिय़ों में कदम बच्चों के परिवार ही ले जाकर रखेंगे। शिक्षा से जुड़े बिना बुराइयों से दूर होना संभव नहीं है। उन्होंने सभी परिवार को बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए चिंतन करने के लिए कहा है।

महबूब अंसारी, सदर अंजुमन इस्लामियां जशपुर का कहना है कि जशपुर अंजुमन इस्लामियां सभी गैर कानूनी कार्यों का विरोध करता है और समाज के लोगों से अपील करता है कि कानून के दायरे में रहकर अच्छा काम करें और समाज का नाम रौशन करें। जो समाज की बदनामी कराने का कार्य करेंगे अंजुमन ऐसे परिवारों का ना सिर्फ सामाजिक बहिष्कार करेगा बल्कि इसकी जानकारी पुलिस को देकर कानून को बुराई समाप्त करने में सहयोग करेगा। 


अन्य पोस्ट