जशपुर

धान उपार्जन केंद्र कोनपारा में साढ़े 6 करोड़ की अनियमितता, समिति प्रबंधक गिरफ्तार
21-Jan-2026 8:04 PM
धान उपार्जन केंद्र कोनपारा में साढ़े 6 करोड़ की अनियमितता, समिति प्रबंधक गिरफ्तार

4 आरोपी फरार, एक पहले पकड़ा जा चुका है
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जशपुरनगर, 21 जनवरी।
जशपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान धान खरीदी व्यवस्था में साढ़े छह करोड़ की अनियमितता का मामला सामने आया है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, कोनपारा के धान खरीदी उपकेंद्र से जुड़े इस मामले में थाना तुमला में छह अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को रामकुमार यादव नोडल अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) द्वारा थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कोनपारा धान खरीदी उपकेंद्र में खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान धान खरीदी कार्य में अनियमितता की गई, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, धान खरीदी उपकेंद्र के कंप्यूटर रिकॉर्ड में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज है, जबकि मिल एवं संग्रहण केंद्रों में 1,40,663 क्विंटल 12 किलोग्राम धान का परिदान होना दर्शाया गया। इस प्रकार 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई। संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में भी मौके पर धान उपलब्ध नहीं होने की पुष्टि की गई।
पुलिस के अनुसार, प्रति क्विंटल 3,100 रुपये की दर से धान की कमी की राशि लगभग 6 करोड़ 38 लाख रुपये तथा 4,898 नग बारदाने (नए एवं पुराने) की अनुमानित कीमत 17 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। इस प्रकार कुल आर्थिक क्षति लगभग 6 करोड़ 55 लाख रुपये आंकी गई है।
इस मामले में जिन छह व्यक्तियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है, उनमें भुनेश्वर यादव (प्राधिकृत अधिकारी), जयप्रकाश साहू (समिति प्रबंधक), शिशुपाल यादव (फड़ प्रभारी), जितेंद्र साय (कंप्यूटर ऑपरेटर), अविनाश अवस्थी (सहायक फड़ प्रभारी) और चंद्र कुमार यादव (उप सहायक फड़ प्रभारी) शामिल हैं। इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने 6 जनवरी को फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था। अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे थे।
पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू मध्यप्रदेश के दमोह जिले में छिपा हुआ है और परिचित के नाम पर सिम कार्ड का उपयोग कर रहा है। पुलिस दबिश की भनक लगने पर वह वहां से निकलकर कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र पहुंच गया।
पुलिस ने घेराबंदी कर जयप्रकाश साहू को कुसमुंडा से अभिरक्षा में लेकर थाना तुमला लाया। पूछताछ के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे 21 जनवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।


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