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नेपाल में राजनीतिक पार्टियों से जुड़ी स्टूडेंट यूनियनों पर प्रतिबंध का विरोध
07-May-2026 11:25 AM
नेपाल में राजनीतिक पार्टियों से जुड़ी स्टूडेंट यूनियनों पर प्रतिबंध का विरोध

नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राजनीतिक पार्टियों से जुड़े छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों पर लगाए गए प्रतिबंध का बचाव किया है. बालेंद्र ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह कदम "देश को पार्टी नियंत्रण से बाहर निकालने और संस्थागत रास्ते पर लाने" के लिए उठाया गया है. वहीं, छात्र संगठन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और प्रतिबंध को हटाने की मांग कर रहे हैं. 

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने पिछले सप्ताहांत में बालेंद्र शाह की कैबिनेट की सिफारिश पर एक अध्यादेश जारी किया, जिसके तहत राजनीतिक दलों से जुड़े सिविल सेवा ट्रेड यूनियन और छात्र संगठन प्रतिबंधित कर दिए गए. बालेंद्र ने इस कदम के बचाव में लिखा, "यह स्कूलों और नौकरशाही को राजनीतिक दलों के प्रभाव से मुक्त करने का एक प्रयास है."

रत्न राज्यलक्ष्मी कैंपस में फ्री स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष लोकेश कुमार ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि यह पूरी तरह से गलत है और सभी स्टूडेंट यूनियन इस फैसले की निंदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल के राजनीतिक इतिहास में स्टूडेंट यूनियनों ने अहम भूमिका निभाई है और वे अन्यायपूर्ण कदमों के खिलाफ “सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.” उन्होंने नए पीएम बालेंद्र शाह पर “तानाशाही भरा रवैया” अपनाने का भी आरोप लगाया है.  (dw.com/hi)

 


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