अंतरराष्ट्रीय
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने संकेत दिया है कि अगर 'धमकियाँ' खत्म हुईं तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा.
आईआरजीसी ने जहाज़ मालिकों को "ईरानी नियमों के अनुसार होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने में उनके सहयोग" के लिए धन्यवाद दिया है.
इस बयान में आगे कहा गया है, "हमलावरों की धमकियों के खत्म होने और नई प्रक्रियाओं के तहत इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित और स्थायी तौर पर गुजरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी."
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें उन्होंने बताया था कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को रोकने का दावा किया है. यह एक अमेरिकी अभियान है, जिसका मकसद जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने में मदद करना था.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि बातचीत के लिए "कम से कम, विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत में शामिल होने की सच्ची कोशिश" की जरूरत है.
उन्होंने आगे कहा है, "इसके लिए 'अच्छी नीयत' की जरूरत है, जिसका मतलब 'बातचीत' है, 'बहस' नहीं.
उन्होंने यह भी कहा है कि बातचीत का मतलब हुक्म, धोखा, जबरन वसूली या जबरदस्ती नहीं होता.
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच ताजा घटनाक्रमों के बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया.
अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध और नाकेबंदी एक समझौते के साथ खत्म हो सकती है, लेकिन अगर ईरान किसी समझौते पर राजी नहीं होता है, तो बमबारी और तेज हो सकती है. (bbc.com/hindi)


