अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ ईरानी महिलाओं को ''ईरान की क़ैद से रिहा'' करने की मांग की है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इन महिलाओं की तस्वीर से जुड़े एक अन्य पोस्ट को शेयर किया है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें फांसी की सज़ा का ख़तरा है.
हालांकि ईरान के अटॉर्नी जनरल ने इसे निराधार बताया है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मैं इन महिलाओं की रिहाई के लिए बहुत आभारी रहूंगा. कृपया उन्हें नुक़सान न पहुंचाएं और यह हमारी बातचीत के लिए एक बहुत अच्छी शुरुआत होगी."
इससे पहले ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पास बातचीत के लिए टीम भेजने के अलावा कोई चारा नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा है कि बातचीत सफल नहीं हुई तो बमबारी हो सकती है.
सीएनबीसी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने उम्मीद जताई कि "मुझे लगता है कि हमारे बीच बहुत अच्छी डील होगी."
ईरान की सरकारी मीडिया ने अपने टेलीग्राम पोस्ट में कहा है कि अब तक ईरान से कोई भी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं गया है.
पाकिस्तान के मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने कहा है कि मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान "ईरानियों के साथ लगातार संपर्क में है और कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है."
उन्होंने कहा कि दो हफ्ते के युद्धविराम के ख़त्म होने से पहले वार्ता में शामिल होने का ईरान का फ़ैसला "बहुत महत्वपूर्ण" है. (bbc.com/hindi)


