अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में अगर युद्ध एक महीने तक भी जारी रहता है, तो अरब देशों की बीते साल की पूरी आर्थिक वृद्धि खत्म हो सकती है. मंगलवार को जारी संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा सैन्य संघर्ष ने अरब क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं की गहरी और पुरानी संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर कर दिया है.
यूएनडीपी ने अनुमान लगाया है कि संघर्ष के चलते अरब देशों का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3.7 से 6.0 प्रतिशत तक घट सकता है. इससे क्षेत्र को 120 अरब से 194 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जो 2025 में अरब देशों द्वारा हासिल की गई कुल क्षेत्रीय आर्थिक वृद्धि से भी अधिक होगा. रिपोर्ट के अनुसार, इससे विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है.
रिपोर्ट में ईरान के लिए हालात और भी गंभीर बताए गए हैं. यूएनडीपी ने कहा कि युद्ध से वहां “तेज आर्थिक संकुचन” की स्थिति पैदा हो सकती है. आर्थिक अनुमानों के मुताबिक, वास्तविक जीडीपी वृद्धि बिना युद्ध वाले परिदृश्य की तुलना में 8.8 से 10.4 प्रतिशत अंक तक गिर सकती है. इसके अलावा, 35 से 41 लाख लोगों के गरीबी रेखा के नीचे जाने का खतरा है, जिससे ईरान की गरीबी दर बढ़कर लगभग 41 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. (dw.com/hi)


