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ट्रंप के विवादित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक वॉशिंगटन में
19-Feb-2026 8:37 PM
ट्रंप के विवादित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक वॉशिंगटन में

डॉनल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वह तटवर्ती इलाके में मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण के लिए कई अरब डॉलर का पैकेज पेश करेंगे. फलस्तीनी इस्लामी गुट हमास और इस्राएल की जंग में इस इलाके में भारी तबाही हुई है.  

ट्रंप इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (आईएसएफ) पर भी अपनी बात रखना चाहते हैं. आईएसएफ इस इलाके मे व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों का दस्ता है.

दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम के बाद इस्राएल ने तटवर्ती इलाके के करीब आधे हिस्से पर नियंत्रण कर रखा है जबकि बाकी बचा हिस्सा हमास के नियंत्रण में है. ट्रंप की शांति योजना ने हमास से हथियार डालने को कहा है हालांकि मिलिशिया इसके लिए तैयार नहीं है.

ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में की थी. वह इसके चेयरमैन है. इस परिषद का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का समाधान निकालना है. हालांकि पहले इसे सिर्फ गाजा की शांति प्रक्रिया पर नजर रखने वाली परिषद समझा गया था. आलोचक इस बोर्ड को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते हैं. ट्रंप संयुक्त राष्ट्र की लगातार आलोचना करते रहे हैं.

जर्मनी और फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने इस बोर्ड का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है. बोर्ड के करीब दो दर्जन सदस्यों में हंगरी, इस्राएल, बेलारूस, कतर, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देश शामिल हैं. पहली बैठक में 20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है.  (dw.com/hi)


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