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अफगानिस्तान में भुखमरी का सबसे बड़ा संकट, लाखों बच्चों की जिंदगी खतरे में
19-Feb-2026 8:31 PM
अफगानिस्तान में भुखमरी का सबसे बड़ा संकट, लाखों बच्चों की जिंदगी खतरे में

अफगानिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे भयावह पोषण संकट से गुजर रहा है. काबुल के अस्पतालों में कुपोषित बच्चों की भरमार है, जहां जीवन बचाने के लिए जगह और संसाधन कम पड़ रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के मुताबिक देश के दो-तिहाई हिस्से में गंभीर या संकट के स्तर की कुपोषण स्थिति है और लगभग 40 लाख बच्चों की जान खतरे में है.

2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता लगभग बंद हो गई, जिससे गरीबी और भूख तेजी से बढ़ी है. आर्थिक संकट, सूखा, 2025 के दो बड़े भूकंप और पड़ोसी देशों से लौट रहे लाखों शरणार्थियों ने हालात और बिगाड़ दिए. फंडिंग की भारी कमी के कारण डब्ल्यूएफपी अब चार में से तीन कुपोषित बच्चों को इलाज देने में असमर्थ है. संगठन का कहना है कि 2024 में जहां 60 करोड़ डॉलर का फंड मिला था, वहीं 2026 के लिए यह घटकर सिर्फ लगभग 20 करोड़ डॉलर रह गया है.

देश में भूख का सबसे बड़ा असर महिलाओं पर पड़ा है, खासकर उन पर जिन्हें तालिबान सरकार की पाबंदियों के कारण रोजगार से बाहर कर दिया गया है. डब्ल्यूएफपी के अनुसार कुपोषित गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की संख्या में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तुरंत सहायता बहाल नहीं की, तो आने वाले महीनों में मौतों का आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है.  (dw.com/hi)


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