अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में होने वाली वार्ता में 'अप्रत्यक्ष' रूप से शामिल रहेंगे.
एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करना चाहता है.
जिनेवा में वार्ता का दूसरा दौर मंगलवार को आयोजित हो रहा है.
सोमवार को तेहरान में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि परमाणु मुद्दे पर अमेरिका का रुख़ अब "अधिक यथार्थवादी" दिशा में बढ़ता दिख रहा है.
उधर, इन वार्ताओं को "बहुत महत्वपूर्ण" बताते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि इस बार तेहरान समझौते के लिए गंभीर है.
ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के नतीजे झेलना चाहते हैं."
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल वार्ता के दौरान सख्त रुख अपनाने के परिणाम ईरान देख चुका है, जब अमेरिका ने उसके परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी.
उन्होंने कहा, "हम बी-2 बमवर्षक भेजकर उनके परमाणु क्षमता को नष्ट करने के बजाय समझौता कर सकते थे. लेकिन हमें बी-2 भेजने पड़े."
उन्होंने इन हमलों को अंजाम देने वाले स्टेल्थ बमवर्षकों का जिक्र करते हुए कहा, "मुझे उम्मीद है कि वे अब अधिक व्यावहारिक होंगे."
पिछले कुछ हफ़्तों में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है.
बीबीसी वेरिफाई ने सैटेलाइट चित्रों के आधार पर ईरान के पास अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की मौजूदगी की पुष्टि की है. (bbc.com/hindi)


