अंतरराष्ट्रीय
नेपाल में अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव के लिए चुनाव प्रचार सोमवार, 16 फरवरी से शुरू हो गया. 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी आंदोलन में पिछली सरकार गिर गई थी. चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के अलावा जेन-जी का प्रतिनिधित्व करने वाले दल ने भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं.
नेपाल के पूर्वी मैदानी इलाके की झापा-5 संसदीय सीट पर मुकाबला दिलचस्प है. यहां से पूर्व प्रधानमंत्री 73 साल के केपी शर्मा ओली चुनाव लड़ रहे हैं. ओली को उनके गृहनगर में चुनौती देने के लिए 35 साल के बालेंदु शाह ने भी इसी सीट से पर्चा भरा है. शाह पहले रैपर थे, उसके बाद वह काठमांडू के मेयर बने और अब प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं. इस तरह के मुकाबलों ने चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले ही माहौल को गर्मा दिया है.
बीते साल सितंबर में युवाओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगने के बाद फूट पड़ा. वे पहले से ही आर्थिक मुश्किलों ओर रोजगार की खराब हालात से जूझ रहे थे. दो दिन के आंदोलन में कम से कम 77 लोगों की मौत हुई, सैकड़ों लोग घायल हुए और सौ से ज्यादा सरकारी इमारतों को जला दिया गया. देश के प्रमुख नेताओं को जान बचाने के लिए छिपने तक की नौबत आ गई थी. (dw.com/hi)


