अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू, 15 फरवरी । महाशिवरात्रि के मौके पर आस्था की झलक नेपाल में भी देखने को मिली। रविवार को काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा और प्रार्थना करने के लिए सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बता दें, केदारनाथ और काशी विश्वनाथ के साथ-साथ पशुपतिनाथ को भी भगवान शिव के सबसे बड़े तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। त्योहार के दौरान, खासकर नेपाल और भारत के साथ-साथ दूसरे इलाकों से भी भक्त पशुपतिनाथ मंदिर आते हैं। सुबह से ही नेपाल और पड़ोसी भारत से हजारों तीर्थयात्री यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट, पवित्र मंदिर परिसर में पूजा करने के लिए लाइन में लग गए। मंदिर परिसर ओम नमः शिवाय के जयकारे से गूंज रहा है। साधु, संत और भक्त पारंपरिक रस्में कर रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर के आसपास एक जीवंत और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।
पशुपति एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट (पीएडीटी) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शुभास चंद्र जोशी ने आईएएनएस को बताया, "भक्त सुबह से ही भगवान शिव की पूजा करने के लिए लाइन में लगे हैं, और भीड़ लगातार बढ़ रही है। सुबह 9:30 बजे तक, लगभग 100,000 भक्त पहले ही पूजा कर चुके थे।" जोशी के अनुसार, भक्तों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए मंदिर के चारों दरवाजे सुबह 2 बजे ही खोल दिए गए थे। उन्होंने कहा कि कम से कम 3,000 हिंदू संत, खासकर नेपाल और भारत से, पशुपति इलाके में आ चुके हैं, जहां वे भक्ति, त्याग और आध्यात्मिक अनुशासन की निशानी वाली खास धार्मिक और आध्यात्मिक साधना कर रहे हैं। जोशी ने कहा, "भारत से आए करीब 150 नागा साधु भी मंदिर की जगह पर आध्यात्मिक साधना कर रहे हैं। उनके रहने के लिए खाने, रहने की जगह और दूसरी जरूरी चीजों का सही इंतजाम किया गया है।" पीएडीटी को उम्मीद है कि पूरे दिन में 700,000 से ज्यादा भक्त पूजा-अर्चना करेंगे, जिनमें से एक बड़ी संख्या भारत से आएगी। जोशी ने कहा, "हमने अभी तक पशुपतिनाथ आने वाले भारतीय भक्तों की सही संख्या का हिसाब नहीं लगाया है।" पीएडीटी ने कहा कि उसने क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सफाई के लिए भी जरूरी इंतजाम किए हैं। --(आईएएनएस)


