अंतरराष्ट्रीय
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूरोप का कोई भी देश अपनी रक्षा के लिए अपनी तकनीक और दौलत पर भरोसा नहीं कर सकता. उनका कहना है कि कोई भी देश पूरी तरह से युद्ध में अकेला नहीं खड़ा हो सकता.
उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में कहा, "रूस हम सभी की एकता और यूरोप की एकता को तोड़ने में निवेश कर रहा है. यूरोप की एकता रूस की आक्रामक योजनाओं के ख़िलाफ़ उसका सबसे अच्छा इंटरसेप्टर है और यह अभी भी यूरोप के पास है."
ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नॉर्थ कोरिया और चीन जैसे दुनिया भर के मित्र देशों के ज़रिए रूस पर लगे प्रतिबंधों को बायपास करने में कामयाब हैं.
उन्होंने कहा, "इसके अलावा, पुतिन के पास अभी भी फ़ाइनेंशियल स्टेबिलिटी की गारंटी है और इसका एक बड़ा हिस्सा यूरोप के समुद्रों में है. रूसी तेल टैंकर अभी भी बाल्टिक सागर और नॉर्थ सी में यूरोप के तटों पर आसानी से घूमते हैं."
ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूरोप ने अपनी सुरक्षा का बजट बढ़ाया है और यह पुरानी ग़लतियों को ठीक करना है.
ज़ेलेंस्की ने अपने भाषण में अमेरिका को सीधा संबोधित करते हुए कहा है कि 'हम उम्मीद करते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप हमें सुन रहे हैं.'
इससे पहले म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका और यूरोप "एक साथ हैं", और "यूरोप का भाग्य, हमारे भाग्य से कभी भी अलग नहीं होगा."
हालांकि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की और दावा किया कि यूएन ने दुनिया में हो रहे झगड़ों को सुलझाने में "कोई भूमिका नहीं" निभाई है.
उन्होंने बार-बार कहा कि अमेरिका का इरादा यूरोप के साथियों के साथ काम करने का है. लेकिन उन्होंने कहा कि इस गठबंधन को ठीक करने की ज़रूरत है.(bbc.com/hindi)


