अंतरराष्ट्रीय
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने मंगलवार को सऊदी अरब का दौरा किया. यह दो साल से ज़्यादा समय में उनकी पहली यात्रा है.
ये दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब और उसके प्रतिद्वंद्वी रहे तुर्की के बीच रिश्तों में गर्माहट आई है.
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोकेमिकल्स के क्षेत्र में सहयोग मज़बूत करने पर सहमति जताई है.
इसके अलावा बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है, जो सऊदी अरब के बड़े पैमाने पर किए जा रहे ऊर्जा निवेश पर आधारित होगा.
वहीं दोनों देश के बीच ग़ज़ा में शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रयास तेज़ करने पर सहमति बनी.
संयुक्त बयान में ग़ज़ा की मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई गई. इसमें युद्धविराम मज़बूत करने, सहायता मार्ग खोलने और दो देशों के समाधान के समर्थन पर ज़ोर दिया गया. साथ ही यूएनआरडब्ल्यूए की भूमिका की भी पुष्टि की गई.
यमन, सोमालिया, सूडान और सीरिया के मामलों में में संप्रभुता, एकता और स्थिरता के समर्थन और शांति प्रयासों की सराहना की गई.
वहीं तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कहा गया कि तुर्की को उम्मीद है कि वह खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत को अंतिम रूप दे सकेगा. (bbc.com/hindi)


