अंतरराष्ट्रीय
-डेनियला रेल्फ़
ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर, विंडसर स्थित अपने घर से बाहर निकलकर नॉरफ़ॉक के सैंड्रिंघम एस्टेट में चले गए हैं.
पूर्व राजकुमार ने सोमवार रात रॉयल लॉज ख़ाली कर दिया और फ़िलहाल सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फ़ार्म कॉटेज में रह रहे हैं. उनके स्थायी घर में मरम्मत का काम चल रहा है.
बकिंघम पैलेस ने कहा था कि यह स्थानांतरण 2026 की शुरुआत में होगा, लेकिन ऐसा लग रहा है कि जेफ़री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज़ों के सामने आने के बाद यह प्रक्रिया तेज़ हो गई है.
बाल यौन अपराधों के आरोपी फाइनेंसर जेफ़री एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर पर अमेरिका में गवाही देने का दबाव बढ़ता जा रहा है.
हालांकि उन्होंने लगातार किसी भी तरह की ग़लत हरकत से इनकार किया है.
पैलेस ने अक्टूबर में घोषणा की थी कि उन्हें रॉयल लॉज से हटाया जाएगा. इसी समय उनसे ‘प्रिंस’ की उपाधि भी वापस ले ली गई थी.
सैंड्रिंघम एस्टेट किंग की निजी संपत्ति है और अपने भाई के नए आवास से जुड़ा खर्च वह स्वयं वहन करेंगे. माना जा रहा है कि आख़िरकार एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर इसी एस्टेट में स्थित मार्श फ़ार्म में रहेंगे.
एंड्रयू से जुड़ा मामला लंबे समय से शाही परिवार के लिए चुनौती बना हुआ है और कई बार पूर्व राजकुमार से निपटने को लेकर लिए गए फैसले धीमे और असरहीन नज़र आए हैं.
रॉयल लॉज पर उनका बना रहना, जेफ़री एपस्टीन के साथ उनके संबंधों से पैदा हुई व्यापक समस्याओं का प्रतीक बन गया था. इससे विशेषाधिकार, पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हुए.
उम्मीद जताई जा रही है कि सैंड्रिंघम स्थानांतरण एक निर्णायक कदम साबित होगा और माउंटबेटन-विंडसर को, जहां तक संभव हो, सार्वजनिक निगाहों से दूर रखेगा.(bbc.com/hindi)


