अंतरराष्ट्रीय
-रियाज़ सोहेल
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन ज़िले की तलहार इलाक़े में 'पीरू लाशारी' गांव में एक प्रभावशाली शख़्स ने मामूली विवाद में एक हिंदू मजदूर कैलाश कोल्ही की गोली मारकर हत्या कर दी.
इस हत्या के विरोध में कैलाश के परिवार के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
कैलाश कोल्ही की पत्नी लखी कोल्ही ने कहा, "हम चाहते हैं कि अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया जाए. पुलिस एक हफ़्ते से वादे कर रही है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है."
लखी कोल्ही ने बीबीसी उर्दू से बात करते हुए आरोप लगाया कि एक ज़मीन मालिक ने कैलाश को झोपड़ी बनाने से मना किया, उन्हें धमकाया और फिर गोली मार दी.
जब लखी वहां पहुंचीं तो कैलाश ज़मीन पर अचेत पड़े थे, उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन कैलाश की मौत हो गई.
कैलाश पांच बच्चों के पिता थे और उनके आठ भाई-बहन हैं.
कैलाश के पिता चेतन ने बीबीसी को बताया कि "एसएसपी ने आश्वासन दिया था कि अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ़्तार कर लिया जाएगा, लेकिन विरोध प्रदर्शन को तीन दिन बीत चुके हैं और अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है."
उनकी मांग है कि अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाए.
एसएसपी कमर जसकानी ने बताया कि कैलाश चार एकड़ ज़मीन पर किसान के रूप में काम करते थे.
उनके अनुसार, घटना वाले दिन अभियुक्तों ने कैलाश को वहां झोपड़ी बनाने से रोका क्योंकि वह ज़मीन उनकी थी. इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और गोलीबारी में कैलाश की मौत हो गई.
एसएसपी जसकानी के अनुसार, पुलिस अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला है.
उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिनों में अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
शिकायतकर्ता पवन कोल्ही ने कहा है, "कैलाश सरफराज की ज़मीन पर काम करता था. बाद में वह एजाज़ नाम के शख़्स के यहां काम करने लगा. 4 जनवरी को कैलाश, विष्णु और गोविंद भिंडी की फसल के लिए एक झोपड़ी बना रहे थे, तभी शाम क़रीब 4:30 बजे सरफराज़ ने आकर कहा कि 'तुमने मेरा काम छोड़ दिया है और एजाज़ के लिए काम करने लगे हो, यहाँ झोपड़ी मत बनाओ.'"
इस पर दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी.
इस बीच, सिंध सरकार के प्रवक्ता सुखदेव हिमनानी ने कैलाश की "क्रूर हत्या" की कड़ी निंदा की और इसे "बर्बर और हृदयविदारक घटना" बताया.
उन्होंने आश्वासन दिया कि सिंध सरकार ने घटना का संज्ञान लिया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को "पारदर्शी और त्वरित जांच करने और अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ़्तार करने" का निर्देश दिया है. (bbc.com/hindi)


