अंतरराष्ट्रीय
दुबई, 10 जनवरी। ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन लाइन बंद किए जाने के बाद सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चेतावनी के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी है और सोशल मीडिया पर प्रदर्शनों के वीडियो भी सामने आए हैं।
ईरान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को लेकर दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है।
ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक वीडियो में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को दरकिनार करते हुए कहा कि अमेरिका के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। इस फुटेज में खामेनेई के समर्थक “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए दिखे।
सरकारी मीडिया ने प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” बताया। ईरान में हालिया कुछ वर्षों की तरह प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई किए जाने की आशंका बढ़ गई है। ट्रंप ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बल प्रयोग से नहीं हिचकिचाएंगे।
खामेनेई (86) ने तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों से कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने (ट्रंप ने) कहा है कि वह उनकी (प्रदर्शनकारियों की) मदद के लिए आगे आएंगे। इसके बजाय उन्हें अपने खुद के देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए।”
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई कानूनी नरमी बरते बिना निर्णायक और अधिकतम सजा दी जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ट्रंप की इस चेतावनी को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि सैनिक जमीन पर भेजे जाएंगे, बल्कि इसका मतलब होगा कि दुश्मन को बहुत जोरदार तरीके से वहीं चोट पहुंचाई जाएगी जहां सबसे ज्यादा असर हो।
ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान के नेताओं से कहता हूं कि गोलियां चलाना शुरू मत करना, क्योंकि अगर तुमने ऐसा किया तो हम भी (तुम्हारे खिलाफ) करेंगे।” (एपी)


