अंतरराष्ट्रीय
-स्वाति मिश्रा
यूएस की अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी पर अमेरिका में केस चलेगा. वेनेजुएला के कई पड़ोसी देशों और राष्ट्रपति मादुरो के सहयोगियों ने वॉशिंगटन के हमले की निंदा की है.
जब अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा, तब डॉनल्ड ट्रंप ये सब लाइव देख रहे थे. ट्रंप के मुताबिक, यह उन्हें "टीवी शो" जैसा लगा. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "मतलब, मैंने इसे देखा, सच में, जैसे कि मैं टेलीविजन शो देख रहा होऊं. और अगर आपने रफ्तार देखी होती, हिंसा देखी होती... हमने इसका हर हिस्सा देखा."
ट्रंप ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी को एक हेलिकॉप्टर से पानी के जहाज पर लाया गया, "वे एक जहाज पर हैं, लेकिन वे न्यूयॉर्क आएंगे. हेलिकॉप्टर उन्हें बाहर लेकर आए."
यहां उनके साथ क्या करने की योजना है, इसका खुलासा करते हुए अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने कहा कि मादुरो और सिलिया पर न्यूयॉर्क में केस चलेगा. एक सोशल पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मादुरो और सिलिया पर अपराध तय कर दिए गए हैं. इनमें नार्को आतंकवाद की साजिश का आरोप शामिल है. बॉन्डी ने आगे लिखा कि दोनों "जल्द ही अमेरिकी जमीन पर, अमेरिकी अदालतों में, अमेरिकी न्याय के क्रोध का सामना करेंगे."
इससे पहले, 3 जनवरी को तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकस में कई धमाके हुए. लोगों ने आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ रहे हवाई जहाज भी देखे. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी चिर-परिचित शैली में सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन की सफलता का एलान किया.
ट्रंप ने बताया कि यूएस सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को पकड़ लिया है और उन्हें वेनेजुएला के बाहर ले आए हैं. वेनेजुएला पर हमला करने से पहले ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से मशविरा किया था या नहीं, अभी यह साफ नहीं है.
डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति मादुरो को पत्नी समेत पकड़कर वेनेजुएला से बाहर लाए
इस घटनाक्रम पर बहुत से देशों की प्रतिक्रिया आई है.
रूस ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा की और इसे "वेनेजुएला के खिलाफ सशस्त्र आक्रमण" बताया. रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "यह बहुत चिंताजनक और निंदनीय है. इस तरह की कार्रवाई का औचित्य साबित करने के लिए जो बहाने इस्तेमाल किए गए, उनका समर्थन नहीं किया जा सकता." रूस ने यह भी कहा कि विचारधारा संबंधी शत्रुता ने व्यावहारिक नीति को हरा दिया.
मादुरो सरकार के करीबी सहयोगियों में से एक ईरान ने वॉशिंगटन की निंदा की है. ईरान ने कहा कि वह "वेनेजुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले की सख्त निंदा करता है." ईरान ने इस हमले को वेनेजुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता और भूभागीय अखंडता का उल्लंघन बताया. खुद तेहरान के भी अमेरिका के साथ काफी तनावपूर्ण रिश्ते हैं.
अमेरिका की वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं तेज
गुस्तावो पेत्रो, वेनेजुएला के पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति हैं. उन्होंने इसे लैटिन अमेरिका की "संप्रभुता पर हमला" करार दिया. कोलंबिया इस साल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थायी सदस्य है. उसने जल्द यूएनएससी की बैठक बुलाने की मांग की है.
क्यूबा, वेनेजुएला का पारपंरिक क्षेत्रीय सहयोगी है. उसने इस हमले को "वेनेजुएला के बहादुर लोगों के खिलाफ सरकार का आतंकवाद" बताया. क्यूबा के राष्ट्रपति, मिगेल दिआज कनेल ने एक बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से काराकस पर हुए "आपराधिक आक्रमण" पर जवाब देने की अपील की.
यूरोपीय देश स्पेन ने शांतिपूर्ण समाधान की तलाश के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "स्पेन, तनाव कम करने और संयम की अपील करता है. हम लोकतांत्रिक, वार्ता आधारित और शांतिपूर्ण समाधान की तलाश में मदद करने के लिए तैयार हैं."
जर्मन विदेश मंत्रालय ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "हम वेनजुएला की स्थितियों को बहुत गौर से देख रहे हैं और ताजातरीन खबरों पर बहुत चिंता के साथ नजर रख रहे हैं. विदेश मंत्रालय, काराकस स्थित दूतावास के साथ करीबी संपर्क में है." जर्मनी ने यह भी कहा कि संकटकालीन मामलों को देखने वाली सरकार की टीम इस विषय पर बैठक रही है.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के दफ्तर ने कहा कि वह वेनेजुएला के हालात की निगरानी कर रही हैं और विदेश मंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं.
अमेरिका में डेमोक्रैटिक पार्टी के सांसद ब्रायन शात्स ने सोशल मीडिया पर लिखा, "युद्ध का औचित्य सिद्ध करने के लिए हमारे पास वेनेजुएला में कोई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित नहीं है. एक और मूर्खतापूर्ण एडवेंचर शुरू ना करने के बारे में अब तक हमें सीख लेना चाहिए."
एक और डेमोक्रैट सेनेटर रुबेन गाएगो ने भी लिखा, "मेरे जीवनकाल में दूसरा अनुचित युद्ध. यह जंग गैरकानूनी है. यह शर्मिंदा करने वाली बात है कि एक साल के भीतर ही हम वर्ल्ड कॉप (पुलिस) से वर्ल्ड बुली बन गए. वेनेजुएला के साथ लड़ाई लड़ने का हमारे पास कोई कारण नहीं है." (dw.com/hi)


