अंतरराष्ट्रीय
ग़ज़ा में युद्धविराम समझौते की मांग को लेकर इसराइल में शनिवार को हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए.
कई शहरों में हुई इस प्रदर्शन रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सेना द्वारा ग़ज़ा सिटी पर क़ब्ज़े की योजना बाक़ी बचे बंधकों की ज़िंदगी को ख़तरे में डाल सकती है.
इसराइल के पूर्व रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने बंधकों की रिहाई को प्राथमिकता देते हुए एक अस्थायी राष्ट्रीय एकता वाली सरकार बनाने का आह्वान किया है.
प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का गठबंधन फ़िलहाल उन अति-दक्षिणपंथी सदस्यों पर टिका है जो युद्ध समाप्त करने के लिए हमास के साथ किसी भी समझौते का विरोध कर रहे हैं.
इस बीच, ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में इसराइली हमलों और कुपोषण के चलते 60 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ग़ज़ा की स्थिति को "मानवता की विफलता" बताया और तत्काल युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई, और मानवीय पहुंच सुनिश्चित करने का आह्वान किया है. (bbc.com/hindi)


