अंतरराष्ट्रीय
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को डिहाइड्रेशन की समस्या के बाद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है.
उन्हें शुक्रवार को सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी गई है. विक्रमसिंघे की ज़मानत याचिका पर हुई सुनवाई में उनके वकीलों ने बताया कि वह गंभीर हार्ट कंडिशन, डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं.
ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद उन्हें पहले जेल अस्पताल ले जाया गया, फिर राजधानी कोलंबो के एक अस्पताल और उसके बाद आईसीयू में शिफ़्ट किया गया.
विक्रमसिंघे पर आरोप है कि साल 2023 में क्यूबा में जी77 सम्मेलन से लौटते हुए वो सरकारी खर्च पर अपने निजी काम से अपनी पत्नी के साथ लंदन में रुके थे.
उन्होंने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि लंदन में उन्होंने कई बैठकों में शिरकत की थी.
वहीं विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) का आरोप है कि मौजूदा सरकार ने उन्हें इसलिए जेल भेजा क्योंकि उन्हें डर है कि वह दोबारा सत्ता में लौट सकते हैं.(bbc.com/hindi)


