अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि वह ग़ज़ा से आने वाले लोगों के लिए सभी विज़िटर वीज़ा स्थगित कर रहा है.
मंत्रालय का कहना है कि "हाल के दिनों में अस्थायी इलाज और मानवीय आधार पर कुछ वीज़ा जारी करने की ज़रूरी प्रक्रिया की गहन समीक्षा" के लिए ये रोक लगाई गई है.
कुछ फ़लस्तीनी अधिकार समूहों ने अमेरिका के इस निर्णय की निंदा की है.
फ़लस्तीनी चिल्ड्रन रीलिफ़ फंड ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस निर्णय से "घायल और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज के लिए ग़ज़ा से अमेरिका लाने की हमारी क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा."
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की नीति में यह बदलाव तब आया है जब धुर दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने एक्स पर कई पोस्ट लिखकर वीज़ा कार्यक्रम की आलोचना की थी. उन्होंने ट्रंप प्रशासन से "इसे बंद करने" का आग्रह किया था.
फ़लस्तीनी चिल्ड्रन रीलिफ़ फंड का कहना है कि अपने विदेश उपचार कार्यक्रम के तहत उसने 2024 में ग़ज़ा से 169 बच्चों को निकाला है. इन बच्चों को इलाज के लिए मध्य पूर्व, यूरोप, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका ले जाया गया.
7 अक्तूबर 2023 को इसराइल पर हमास के हमले के बाद क़रीब दो साल से चल रहे युद्ध में ग़ज़ा के अधिकांश अस्पताल नष्ट हो चुके हैं. यहां लोगों को खाने की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. (bbc.com/hindi)


