अंतरराष्ट्रीय
अली अब्बास अहमदी और साक्षी वेंकटरमण, ग्रीगोर अतानेशियन
आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच दशकों से चला आ रहा संघर्ष समाप्त करने के लिए शुक्रवार को व्हाइट हाउस में शांति समझौता हुआ.
दोनों देशों के नेताओं के बीच समझौता कराने की मेज़बानी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की.
अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान ने समझौते के बाद हाथ मिलाया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पल को "ऐतिहासिक" घटना बताया.
ट्रंप ने इस समझौते को लेकर कहा, "इसमें काफ़ी समय लग गया."
इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच कुछ प्रमुख परिवहन मार्ग दोबारा खुलेंगे और इससे क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव बढ़ेगा.
1980 और 1990 के दशक में आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख़ को लेकर लड़ाई हुई थी, जो अज़रबैजान में आर्मीनियाई मूल का एक क्षेत्र है और इसके बाद से हिंसा बढ़ती गई.
ट्रंप ने कहा कि आर्मीनिया और अज़रबैजान ने "हमेशा के लिए" सभी लड़ाई बंद करने के साथ-साथ यात्रा, व्यापार और राजनयिक संबंधों को खोलने का वादा किया है.
अलीयेव ने कहा, "आज हम काकेशस में शांति स्थापित कर रहे हैं. हमने युद्ध, क़ब्ज़े और ख़ून-ख़राबे में उलझे रहकर कई साल गंवा दिए."
पशिनयान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर को दोनों देशों के बीच संबंधों में एक "महत्वपूर्ण मील का पत्थर" बताया है.
ट्रंप ने कहा, "वे 35 वर्षों तक लड़ते रहे, अब वे दोस्त हैं और लम्बे समय तक दोस्त बने रहेंगे." (bbc.com/hindi)


