अंतरराष्ट्रीय
इसराइली सरकार के ग़ज़ा पर नियंत्रण के फैसले पर ग़ज़ा में रह रहे लोग सवाल कर रहे हैं कि हम कहां जाएं?
इसराइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के बाद से ही लाखों फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा के अलग-अलग क्षेत्रों में विस्थापित होना पड़ रहा है.
ग़ज़ा के उतर-पूर्व इलाके से विस्थापित हुईं सबरीन नईम संघर्ष के दौरान ग़ज़ा के अलग-अलग क्षेत्रों में रहना पड़ा है. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि कहां जाना है. हमें कहां जाना चाहिए?"
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से उन्होंने कहा, "किसी भी तरह हम टेंट में रह रहे हैं. हम पूरी ज़िंदगी टेंट में ही रहेंगे, आखिर कब तक? सेना हमसे क्या करवाना चाहती है?"
ग़ज़ा के बेत हनून में रहने वाली मघजौजा सादा कहती हैं कि ग़ज़ा के दक्षिणी इलाके में उनके लिए कोई जगह नहीं बची है.
उन्होंने कहा, "मैं बूढ़ी हो गई हूं. मैं कैसे चल-फिर सकती हूं. कैसे कहीं जा सकती हूं?"
"दक्षिण सुरक्षित नहीं है. ग़ज़ा सिटी सुरक्षित नहीं है. उत्तर सुरक्षित नहीं है. हमें कहां जाना चाहिए? क्या हम खुद को समुद्र में फेंक दें?" (bbc.com/hindi)


