अंतरराष्ट्रीय
ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण करने के लिए इसराइली सुरक्षा मंत्रिमंडल की योजना को लेकर दुनिया भर में हो रही आलोचना को इसराइल ने पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है.
इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा है कि जो देश इसराइल की निंदा करते हैं और प्रतिबंधों की धमकी देते हैं, वे "हमारे संकल्प को कमज़ोर नहीं कर पाएंगे."
उन्होंने कहा, "हमारे दुश्मन हमें एक मज़बूत, एकजुट मुट्ठी के रूप में पाएंगे जो उन पर बड़ी ताक़त से हमला करेगी."
ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण के इसराइली फ़ैसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन, फ़्रांस और कनाडा सहित कई देशों ने निंदा की और जर्मनी ने इसराइल को सैन्य निर्यात रोकने की बात कही है.
इसराइली सुरक्षा कैबिनेट ने शुक्रवार को ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण करने की योजना को मंज़ूरी दी. इसके साथ ही इसके पांच बिंदु भी निर्धारित किए हैं.
इसराइली सेना ग़ज़ा पर नियंत्रण करने और युद्ध समाप्त करने के लिए इन्हीं पांच सिद्धांतों के अनुसार काम करेगी.
इसराइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना का पहला लक्ष्य ग़ज़ा सिटी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करना और क़रीब दस लाख लोगों को दक्षिण की तरफ़ स्थानांतरित करना है.
इसराइली सेना मध्य ग़ज़ा में शरणार्थी शिविरों और उन क्षेत्रों पर भी नियंत्रण करेगी जहां बंधकों को रखा जा सकता है.
मीडिया का कहना है कि मानवीय सहायता में बढ़ोतरी के साथ ही कुछ सप्ताह बाद दूसरा हमला भी किया जाएगा.
इस योजना का इसराइल के भीतर भी विरोध हो रहा है. विरोध करने वालों में कुछ सैन्य अधिकारी और ग़ज़ा में बंधक बनाए गए परिवारों के लोग शामिल हैं.
हमास ने कहा है कि ग़ज़ा पर नियंत्रण की योजना "एक नया युद्ध अपराध है" और इसके लिए "इसराइल को भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी."
शुक्रवार को ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में इस योजना को "विनाशकारी" बताते हुए कहा है कि इससे ग़ज़ा में स्थिति और भी "गंभीर" हो जाएगी. (bbc.com/hindi)


