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इसराइली मंत्री यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद पहुंचे, दशकों पुरानी व्यवस्था का किया उल्लंघन
04-Aug-2025 9:36 AM
इसराइली मंत्री यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद पहुंचे, दशकों पुरानी व्यवस्था का किया उल्लंघन

इसराइल के धुर दक्षिणपंथी माने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतेमार बेन-ग्वेर ने यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर का दौरा किया और वहां प्रार्थना की.

इतेमार बेन-ग्वेर के ऐसा करने से मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील स्थलों में से एक के लिए दशकों पुरानी व्यवस्था का उल्लंघन हुआ है.

उनकी इस यात्रा की तस्वीरों और वीडियो में बेन-ग्वेर को कब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम के उस परिसर में यहूदी प्रार्थना सभा का नेतृत्व करते हुए दिखाया गया है, जिसे यहूदी लोग टेंपल माउंट के नाम से जानते हैं.

इस स्थल पर प्रार्थना करना लंबे समय से चले आ रहे उस समझौते का उल्लंघन है, जिसके तहत यहूदियों को वहां जाने की अनुमति तो है, लेकिन प्रार्थना करने की इजाज़त नहीं है.

इसराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि इसराइल की यथास्थिति बनाए रखने की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसके तहत वहां केवल मुस्लिमों को ही इबादत करने की अनुमति है.

जॉर्डन, जो इस स्थल का संरक्षक है, उसने बेन-ग्वेर की ताज़ा यात्रा को “उकसावा" कहा है.

हमास ने इसे "फ़लस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ जारी आक्रामकता को और बढ़ाने वाला क़दम" बताया.

जबकि फ़लस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा "सभी सीमाओं को पार कर गई है".

यहूदी इस जगह को सबसे पवित्र स्थल मानते हैं क्योंकि यहां उनके दो प्राचीन उपासना स्थल हैं.

यह मुसलमानों के लिए तीसरा सबसे पवित्र स्थान है, क्योंकि माना जाता है कि पैगंबर मोहम्मद यहीं से स्वर्ग की यात्रा पर गए थे.

साल 1967 के मिडिल ईस्ट युद्ध में इसराइल ने इसे जॉर्डन से छीनकर अपने कब्ज़े में लिया था.

फ़िलहाल यहां जो व्यवस्था लागू है उसके तहत, जॉर्डन को इस जगह का पारंपरिक संरक्षक बने रहने की अनुमति दी गई है, जबकि इसराइल के पास सुरक्षा और यहां किसी के पहुंचने की अनुमति देने की ज़िम्मेदारी है. (bbc.com/hindi)


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