अंतरराष्ट्रीय

अगर दूसरे देशों के पास परमाणु हथियार हैं, तो ईरान के पास क्यों नहीं हो सकते?
21-Jun-2025 8:46 AM
अगर दूसरे देशों के पास परमाणु हथियार हैं, तो ईरान के पास क्यों नहीं हो सकते?

-रफ़ी बर्ग

दुनिया में कुछ मुट्ठी भर देशों के पास परमाणु हथियार हैं. इसमें ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया शामिल है.

यह माना जाता है कि इसराइल के पास भी परमाणु हथियार हैं लेकिन न तो वह इसकी पुष्टि करता है और न ही इस बात से इनकार करता है.

फिर ऐसा क्यों है कि कुछ देश ही परमाणु हथियार रख सकते हैं और कोई अन्य इसे नहीं रख सकता है.

इसका जवाब 1968 में हुए परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) में छिपा हुआ है. इसमें कहा गया है कि कोई भी देश असैन्य परमाणु कार्यक्रम चला सकता है लेकिन जितने देशों के पास परमाणु हथियार हैं, उनके अलावा किसी भी देश को यह नहीं मिलना चाहिए.

एनपीटी सभी पर कानूनी रूप से बाध्यकारी है और ईरान सहित अधिकांश देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं. इस संधि पर इसराइल, भारत, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

उत्तर कोरिया भी इस संधि से बाहर चला गया है. इस संधि के शुरुआती दौर में भारत और पाकिस्तान को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्रों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी लेकिन अगर वह इस संधि में शामिल होते हैं तो उन्हें अपने हथियार ख़त्म करना होगा.

दक्षिण सूडान नया देश है लेकिन यहां कोई परमाणु कार्यक्रम नहीं चल रहा है. इसराइल ने इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है क्योंकि वह अपने दुश्मनों के ख़िलाफ़ परमाणु अस्पष्टता की नीति अपनाता है.

इसके कारण वह अपनी परमाणु सुविधाओं के निरीक्षण की अनुमति नहीं देता है, जो कि एनपीटी के तहत आवश्यक हो जाएगा.

ईरान, अरब देश और अन्य देश लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि इसराइल पर निरस्त्रीकरण के लिए दबाव डाला जाए और परमाणु कार्यक्रम के बारे में पारदर्शी होने का प्रयास किया जाए, क्योंकि वे इसराइल को क्षेत्रीय तनाव और ख़तरा मानते हैं.

ईरान ने हमेशा ही परमाणु हथियार बनाने की बात से इनकार किया है और दावा करता है कि उसके पास कोई भी परमाणु हथियार नहीं है. हालांकि कई देश ईरान के इस दावे से सहमत नहीं हैं.

साल 2002 में यह जानकारी सामने आई थी कि वह गुप्त रूप से परमाणु कार्यक्रम चला रहा था, जिसकी एनपीटी के तहत अनुमति नहीं थी. इसके कारण सालों तक संकट बना रहा और मौजूदा घटनाओं के पीछे यह एक बड़ा कारण है.


अन्य पोस्ट