अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि 'सीरिया पर अमेरिका के नज़रिये ने मध्य पूर्व में सत्ता के संतुलन को बदल दिया है.'
बाइडन ने सीरिया में अमेरिकी सेना की मौजूदगी को बरकरार रखने के संकेत देते हुए संघर्ष के लिए तीन आयामी दृष्टिकोण की रूपरेखा पेश की, जिसमें "साझेदारों के लिए समर्थन, प्रतिबंध और कूटनीति, और ज़रूरत पड़ने पर सैन्य बल का इस्तेमाल" शामिल है.
बाइडन ने कहा, "हम इस तथ्य से वाकिफ़ हैं कि आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ग्रुप- आईएस) अपनी क्षमता को फिर से स्थापित करने और खुद के लिए सुरक्षित ठिकाना बनाने के लिए इस खालीपन का फ़ायदा उठाने की कोशिश करेगा. हम ऐसा नहीं होने देंगे."
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, "असद सरकार के विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार करने और रूस और ईरान के समर्थन पर निर्भर रहने की वजह से सरकार का पतन हुआ."
उन्होंने कहा, "सीरिया के घटनाक्रम पर अमेरिका बारीकी से नजर रखेगा और विद्रोही नेताओं का आकलन उनके काम के अनुसार करेगा, ना कि उनके भाषण से."
रविवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने सीरिया में 75 ठिकानों को निशाना बनाया है. ये टारगेट सीरिया के पूर्वी इलाके बदियाह रेगिस्तान में थे, जहां आईएस फिर संगठित हो रहा है. (bbc.com/hindi)


