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बुर्क़े पर ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन की बातों पर एतराज़, इस्लाम पर घिरी कंज़र्वेटिव पार्टी
26-May-2021 12:32 PM
बुर्क़े पर ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन की बातों पर एतराज़, इस्लाम पर घिरी कंज़र्वेटिव पार्टी

ब्रिटेन में एक स्वतंत्र रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुर्क़े को लेकर जो टिप्पणियाँ की थीं, उनसे ऐसा लगता है कि उनकी पार्टी मुसलमानों को लेकर संवेदनशील नहीं है.

ये रिपोर्ट प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के ही निर्देश पर आई है, जब 2019 में उन्होंने इस बात की स्वतंत्र जाँच करने के लिए कहा था कि उनकी पार्टी भेदभाव के आरोपों का सामना कैसे करती है.

रिपोर्ट में पाया गया कि पार्टी के स्थानीय स्तर और व्यक्तिगत स्तर पर मुस्लिम-विरोधी भावना है.

हालाँकि पार्टी के भीतर संस्थागत नस्लभेद होने के दावों को साबित नहीं किया जा सका, क्योंकि पार्टी के भीतर शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया दुरुस्त नहीं थी.

इस स्वतंत्र जाँच की रिपोर्ट तैयार करने वाले प्रोफ़ेसर स्वर्ण सिंह ने कहा कि इस बात के "स्पष्ट प्रमाण" हैं कि कंज़र्वेटिव पार्टी की शिकायत प्रक्रिया को "बदले जाने की" ज़रूरत है.

प्रोफ़ेसर सिंह ने चेतावनी दी कि ये रिपोर्ट पार्टी के लिए असहज करने वाली हो सकती है.

प्रोफ़ेसर स्वर्ण सिंह ने कहा, "वो लोग जो 44,000 शब्दों को नहीं पढ़ना चाहते, उनके लिए इस रिपोर्ट का सार ये है - हमें भेदभाव के प्रमाण मिले हैं, और हालाँकि ये समस्या संस्थागत नहीं है, लेकिन पार्टी को इसे ख़त्म करने के लिए सक्रिय होना पड़ेगा."

पार्टी ने माँगी माफ़ी, जारी करेगी रिपोर्ट
रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए कंज़र्वेटिव पार्टी की सह-अध्यक्ष अमांडा मिलिंग ने हर उस शख़्स से माफ़ी माँगी "जिन्हें दूसरों के व्यवहार की वजह से ठेस लगी है या जिन्हें हमारी व्यवस्था से निराशा हुई है."

उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस रिपोर्ट में सुझाई गई सिफ़ारिशों को स्वीकार किया है और वो छह हफ़्ते के भीतर उन्हें लागू करने के बारे में एक योजना सामने रखेंगे.

ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री और कंज़र्वेटिव नेता साजिद जाविद ने कहा कि इस रिपोर्ट में "मुस्लिम-विरोधी भावनाओं के परेशान करने वाले उदाहरण" दिए गए हैं, लेकिन उन्होंने ज़ोर दिया कि बोरिस जॉनसन इस्लामोफ़ोबिक नहीं हैं और वो किसी भी "पृष्ठभूमि या किसी भी समुदाय के शख़्स का सम्मान करते हैं."

कंज़र्वेटिव पार्टी की एक और पूर्व कैबिनेट मंत्री और इस्लामोफ़ोबिया को लेकर पार्टी की आलोचना करती रहीं बैरोनेस सईदा वारसी ने टीवी चैनल स्काई न्यूज़ से कहा कि ये रिपोर्ट दर्शाती है कि "पार्टी संस्थागत रूप से नस्लभेदी है" और समानता व मानवाधिकार आयोग को इसकी जाँच करनी चाहिए.

उन्होंने प्रधानमंत्री जॉनसन की माफ़ी को बस "ज़ुबानी बात" क़रार दिया, लेकिन साथ ही कहा कि "उन्होंने ये माना कि उन्होंने जो कहा वो ग़लत था".

ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी की समानता मामलों की शैडो सेक्रेटरी मार्शा ड कार्डोवा ने कहा कि ये रिपोर्ट कंज़र्वेटिव पार्टी में भेदभाव की बातों की पुष्टि करती है और ये सिरा सीधे प्रधानमंत्री तक जाता है.

उन्होंने प्रधानमंत्री से बुर्क़े पर अपने बयान के लिए पूर्ण और समुचित माफ़ी माँगने का अनुरोध करते हुए कहा कि उन्होंने इससे मुस्लिम समुदाय को आहत और दुखी किया है.

ब्रिटेन में मुसलमानों की संस्था मुस्लिम काउंसिल ऑफ़ ब्रिटेन ने रिपोर्ट का "सतर्क होकर स्वागत" किया है, लेकिन कहा है कि इससे पार्टी में "इस्लामोफ़ोबिया की संस्थागत प्रकृति" पर कोई बात नहीं की गई है.

बोरिस जॉनसन ने बुर्क़े पर क्या कहा था?
बोरिस जॉनसन की जिस टिप्पणी को लेकर हंगामा मचा, वो उन्होंने 2018 में टेलीग्राफ़ अख़बार में अपने कॉलम में की थी.

बोरिस ने उस कॉलम में लिखा था कि बुर्क़ा पहनी हुई महिलाएँ "लेटर बॉक्स" या "बैंक लुटेरों" जैसी लगती हैं.

बाद में कंज़र्वेटिव पार्टी के कुछ सदस्यों और प्रतिनिधियों पर मुस्लिम विरोधी होने के और भी आरोपों के सामने आता देख स्वयं प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2019 में एक रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया.

रिपोर्ट में कहा गया कि "ऐसे मामलों से ये छवि बनती है कि पार्टी का एक वर्ग और कुछ नेता मुस्लिम समुदाय को लेकर असंवेदनशील हैं."

जाँच के दौरान प्रधानमंत्री जॉनसन भी पेश हुए और उन्होंने वहाँ कहा, "किसी भी ग़लती के लिए मैं स्पष्ट रूप से माफ़ी माँगता हूँ". उन्होंने साथ ही कहा कि "अपने पिछले लेखों में इस्तेमाल हुई आपत्तिजन भाषा को वो अब इस्तेमाल नहीं करेंगे."

रिपोर्ट में 2016 में लंदन के मेयर चुनाव के समय कंज़र्वेटिव पार्टी के प्रत्याशी ज़ाक गोल्डस्मिथ पर लगे आरोपों की भी जाँच की गई जो लेबर पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान मेयर सादिक़ ख़ान को चुनौती दे रहे थे.

रिपोर्ट में कहा गया कि ज़ाक गोल्डस्मिथ ने भी माना कि "चुनाव अभियान जैसा हुआ उसमें उन्होंने कमज़ोर फ़ैसले लिए", लेकिन उन्होंने इस बात से "इनकार किया कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिम-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया."

कंज़र्वेटिव पार्टी और इस्लामोफ़ोबिया
कंज़र्वेटिव पार्टी पर इस बात के आरोप कई सालों से लग रहे थे कि पार्टी ने इस्लामोफ़ोबिया, यानी मुस्लिम विरोधी भावना को रोकने में नाकाम रही है.

2018 में पार्टी की मुस्लिम इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद अमीन ने आरोप लगाया कि इस्लामोफ़ोबिया से निपटने में कोई "निर्णायक क़दम" उठाने की जगह "चुनाव की चिंता" को ज़्यादा तरजीह देती है.

पार्टी की पहली मुस्लिम महिला कैबिनेट मंत्री सईदा वारसी बहुत पहले से इस मुद्दे को लेकर पार्टी पर सवाल उठाती रही हैं और उनका आरोप था कि पार्टी ने इस मुद्दे पर अपनी आँखें मूँद ली हैं.

2019 में कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पद के लिए दावेदारी की रेस में तत्कालीन गृह मंत्री साजिद जाविद ने बोरिस जॉनसन समेत सभी प्रतिद्वंद्वियों को इन आरोपों की बाहर से जाँच करवाने की चुनौती दी थी.

पार्टी के नेता पद के चुनाव में बोरिस जॉनसन विजयी रहे और फिर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने.

नई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 से लेकर 2020 तक पार्टी के केंद्रीय डेटाबेस ने 1,418 शिकायतें दर्ज की जिनमें 727 घटनाएँ कथित भेदभाव की थीं. (bbc.com)


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