अंतरराष्ट्रीय
मध्य-पूर्व में इसराइल और फ़लस्तीनियों के टकराव में चीन खुलकर फ़लस्तीनियों के समर्थन में बोल रहा है.
चीनी मीडिया में भी जो कुछ छप रहा है, उससे भी स्पष्ट होता है कि सरकार के साथ मीडिया की सहानुभूति भी फ़लस्तीनियों के पक्ष में है.
हालांकि चीन में मीडिया सरकारी नियंत्रण में काम करता है इसलिए दोनों की लाइन अलग-अलग नहीं होती. 18 मई को चीन में इसराइली दूतावास ने ट्वीट कर चीनी मीडिया में इसराइल-फ़लस्तीनियों के टकराव पर कवरेज को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी.
इसराइली दूतावास ने अपने ट्वीट में कहा है, ''हमें उम्मीद है कि 'यहूदियों का दुनिया पर नियंत्रण है' वाला सिद्धांत अब पुराना पड़ चुका होगा. ज़ाहिर है कि ये सिद्धांत साज़िशन गढ़ा गया था. दुर्भाग्य से यहूदी विरोधी चेहरा फिर से सामने आया है. चीन के सरकारी मीडिया में खुलेआम यहूदी विरोधी कवरेज परेशान करने वाली है.''
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इसराइल
चीन और इसराइल के संबंध बुरे नहीं रहे हैं. दोनों देशों में कई मोर्चों पर बेहद क़रीबी का संबंध है लेकिन इन दिनों चीन फ़लस्तीनियों के समर्थन में खुलकर बोला रहा है. कई लोग मान रहे हैं कि मध्य-पूर्व में तनाव अभी चीन के लिए मौक़ा है. (bbc.com)


