अंतरराष्ट्रीय
फ़लस्तीनी चरमपंथियों और इसराइली सेना के बीच रॉकेट और हवाई हमलों में ग़ज़ा और इसराइल में कई लोगों की मौतें हुई है.
मंगलवार को ग़ज़ा से दक्षिणी इसराइल के तटीय शहर अश्कलोन पर भी रॉकेट दागे गए. इस हमले में भारत के केरल राज्य की रहने वाली मलयाली महिला सौम्या संतोष की मौत हो गई है. 30 वर्षीय सौम्या केरल के इडुक्की ज़िले की रहने वाली थीं.
केरल के इडुक्की ज़िले के आदिमाली के पास कांजीरामनाथम की रहने वाली सौम्या यहां अश्कलोन में एक घर में एक बूढ़ी महिला के यहां नर्स के तौर पर काम करती थीं. यह इलाक़ा ग़ज़ा पट्टी की सीमा पर है और हमले में बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
सौम्या के बारे में लोगों का कहना है कि वह बीते सात सालों से इसराइल में रह रही थीं. उनका नौ साल का एक बेटा भी है जो उनके पति के साथ केरल में ही रहता है.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, जिस घर में वो काम करती थीं उस घर की बुज़ुर्ग महिला का आरोप है कि उनके घर पर सीधा हमला हुआ. उन्हें गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है.
चैनल12 के मुताबिक़, रॉकेट शेल्टर महिला के घर से महज़ एक मिनट की दूरी पर था.
अश्कलोन के मेयर टोमर ग्लाम ने कहा कि जब शहर पर रॉकेट से हमला हुआ तो लगभग पच्चीस फ़ीसदी निवासी सुरक्षित जगहों पर नहीं पहुंच सके.
आर्मी रेडियो से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह कितना अविश्वसनीय है कि एक सामान्य ज़िंदगी और जन-जीवन मिनटों में देखते-देखते आपातकाल में तब्दील हो जाता है.”
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “वहां पर 1960 के दशक के घर हैं. जहां बुनियादी सुरक्षा तक नहीं है. यह वो समय है जब ट्रेज़री और फ़ैसले लेने का अधिकार रखने वाले अधिकारियों को सेचना चाहिए कि आख़िर यहां क्या हो रहा है.”
भारत में इसराइल के राजदूत रॉन माल्का ने इसराइल की ओर से सौम्या संतोष के परिवार के प्रति गहरा दुख जताया है.
उन्होंने ट्वीट करके सौम्या संतोष के नौ साल के बेटे के लिए भी अपना दुख ज़ाहिर किया है. उन्होंने लिखा है, "हमरा दिल उस नौ साल के बच्चे का सोचकर रो रहा है जिसने इस क्रूर चरमपंथी हमले में अपनी मां को खो दिया." (bbc.com)


