गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 28 मई। राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए।
कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा एवं अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक, प्रभावी एवं व्यापक बनाने को लेकर अतिथियों एवं संघ के पदाधिकारियों के मध्य विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने आयुर्वेद के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। यह रोगों के उपचार का माध्यम होने के साथ ही हम भारतीयों की जीवनचर्या में रची बसी एक समृद्ध जीवनपद्धति है। हमारे पूर्वजों द्वारा संरक्षित यह ज्ञान आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता निरंतर बढ़ रही है तथा छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विधायक रोहित साहू ने विशेष रूप से अपने गृह जिले गरियाबंद में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें विशेष प्रोत्साहन प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक सीमित संसाधनों के बीच जनसेवा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं जो अत्यंत प्रशंसनीय है।


