गरियाबंद

मोबाइल छोड़ संस्कारों की राह पर बढ़े बच्चे
14-May-2026 2:42 PM
मोबाइल छोड़ संस्कारों की राह पर बढ़े बच्चे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

नवापारा-राजिम, 14 मई। ग्राम श्यामनगर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र में आयोजित तीन दिवसीय संस्कार समर कैंप का उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। शिविर में 100 बच्चों को राजयोग मेडिटेशन, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और माता-पिता के सम्मान जैसे जीवन उपयोगी संस्कार सिखाए गए।

आयोजनकर्ता ब्रह्माकुमारी शीला दीदी ने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, नैतिकता और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मन की शांति के लिए राजयोग मेडिटेशन जरूरी है, जिससे मन शांत, सकारात्मक और एकाग्र बनता है। प्रशिक्षक ब्रह्माकुमारी पूजा बहन ने बताया कि रंगोली, ड्राइंग, गेम्स व नैतिक शिक्षा जैसी गतिविधियां हुईं। मोबाइल के दुष्प्रभाव पर नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। एक बच्ची ने नाटक देखने के बाद मोबाइल कम उपयोग करने का संकल्प लिया।  प्रशिक्षक ब्रह्माकुमारी लीला बहन ने कहा कि अभिभावकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। पहले मोबाइल में व्यस्त रहने वाले बच्चे अब आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

मुख्य अतिथि उपसरपंच वामन निर्मलकर ने कहा कि आज स्कूलों में संस्कारों की शिक्षा कम दी जाती है। ऐसे में ब्रह्माकुमारीज़ की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। ग्राम के वरिष्ठ प्रकाश साहू ने सभी अभिभावकों से बच्चों को ऐसे शिविरों में भेजने का आग्रह किया। बच्चों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं को पहचानने, अच्छे संस्कार अपनाने और नई सीख मिली। समापन पर बच्चों को उपहार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।


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