गरियाबंद
सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों का सम्मेलन व प्रशिक्षण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 14 मई। प्रेरक संस्था द्वारा बुधवार को ऑक्शन हॉल, गरियाबंद में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों का जिला स्तरीय सम्मेलन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के छुरा, गरियाबंद एवं मैनपुर ब्लॉक के 50 गांवों से लगभग 240 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य शासन के वन अधिकार कानून एवं पेसा कानून टास्क फोर्स सदस्य तथा जनजातीय सलाहकार परिषद सदस्य श्री कृष्ण कुमार वैष्णव रहे। वहीं विशेष अतिथि के रूप में जागृति संस्था के डायरेक्टर श्री कृष्ण कुमार सिन्हा एवं श्री राम गुलाल सिन्हा उपस्थित रहे।
सम्मेलन में वत्सल्य श्रीवाश, संजय शर्मा एवं प्रेमलता पटेल सहित प्रेरक संस्था के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को वन अधिकार कानून, सामुदायिक वन अधिकार तथा सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों की भूमिका के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान जल, जंगल और जमीन के संरक्षण एवं अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार वैष्णव ने ग्रामीण प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के सुझाव दिए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए समितियों को संगठित एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया।
साथ ही व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, सामुदायिक वनाधिकार एवं वन प्रबंधन समितियों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी।
विशेष अतिथि श्री सिन्हा ने वनाधिकार कानून के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
प्रेरक संस्था के डायरेक्टर राम गुलाल सिन्हा ने कहा कि सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों को संगठित कर फेडरेशन का निर्माण किया जा सकता है, जिससे गांवों को सामूहिक अधिकारों के साथ विकास के नए अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधियों ने ऐसे प्रशिक्षण और सम्मेलन को ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।


