गरियाबंद

हजारों लोगों के बीच बच्चों का थर्ड आई प्रदर्शन
14-May-2026 2:33 PM
हजारों लोगों के बीच बच्चों  का थर्ड आई प्रदर्शन

आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़े अखबार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

नवापारा-राजिम, 14 मई। नगर के सदर रोड स्थित दिगम्बर जैन वर्णी भवन में आयोजित थर्ड आई अर्थात तीसरी आंख कला के विशेष प्रदर्शन ने हजारों लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। सुबह 8 बजे से शुरू हुए इस अनोखे कार्यक्रम को देखने नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों की अद्भुत प्रतिभा को देखकर उपस्थित लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए।

कार्यक्रम में 8 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने आंखों पर पट्टी बांधकर कई चौंकाने वाले प्रदर्शन किए। बच्चों ने आंखों पर मोटी पट्टी बांधने के बावजूद कागज पर लिखना, चित्र बनाना, रंगों की पहचान करना, ताश की पत्तियों को पहचानना, पुस्तक पढऩा तथा भीड़ में अपने परिजनों को ढूंढ निकालने जैसे करतब दिखाए। बच्चों की एकाग्रता और आत्मविश्वास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान जैन संत मुनि श्री आगम सागर महाराज ने बच्चों से विभिन्न प्रकार के प्रयोग करवाए। उन्होंने बच्चों के हाथ में ताश की पत्तियां देकर उनकी पहचान करवाई तथा सार्वजनिक रूप से उनके रंग और नंबर बताने को कहा, जिसे बच्चों ने सफलतापूर्वक करके दिखाया। इसके अलावा बच्चों ने आंखों पर पट्टी बंधी होने के बावजूद पुस्तक पढक़र भी लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। मुनि श्री ने बताया कि इन बच्चों को मुनि श्री पुलक सागर महाराज के मार्गदर्शन में लगभग 15 से 20 दिनों तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। नियमित अभ्यास और मानसिक एकाग्रता के माध्यम से बच्चों में यह क्षमता विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे निरंतर अभ्यास करते रहें तो उनकी मानसिक शक्ति और भी विकसित हो सकती है।

इस अवसर पर मुनि श्री ने बच्चों और उनके परिजनों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की विद्या का उपयोग केवल सकारात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए तथा बिना गुरु की अनुमति के किसी भी प्रकार का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी मानसिक एवं शारीरिक स्थिति का विशेष ध्यान रखें।

कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में उत्सुकता और कौतूहल का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रतिभा और उनके आत्मविश्वास की सराहना की।


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