गरियाबंद

यातायात व्यवस्था में पुलिस व प्रशासन उदासीन
27-Mar-2026 11:15 PM
यातायात व्यवस्था में पुलिस व प्रशासन उदासीन

प्रतिबंधित समय में बेखौफ तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से हो रही मौत- धनराज मध्यानी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 नवापारा राजिम, 27 मार्च। रायपुर जिले का प्रमुख व्यावसायिक नवापारा नगर इन दिनों लगातार हो रही सडक़ दुर्घटना एवं मौत पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता धनराज मध्यानी ने चिंता एवं रोष जाहिर किया है।

उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित समय में तेज रफ्तार हाईवा में लोगों की मौत से शहर में दहशत का माहौल है। तेज रफ्तार हाईवा के चपेट में आकर असमय मौत से कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। कई घरों के चिराग़ बुझ गए है। तो कई घरों के मुख्य कमाने वाले की जान जा चुकी है। आमलोग शहर के भीतर भी सुरक्षित नहीं है। नगर के कई मुख्य चौक चौराहे दुर्घटनाजन्य क्षेत्र बन चुके है। रायपुर रोड, दीनदयाल उपाध्याय चौक, चंपारण चौक, इंदिरा मार्केट, नगर पालिका चौक, तर्री रोड, सोमवारी बाजार में बड़े भारी वाहन एवं हाइवा के चपेट में आने से कई लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके पुलिस एवं प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठी है। नगर में हाइवा एवं भारी वाहनों के जांच के लिए एक भी चेकिंग प्वाइंट नहीं है। और न ही वाहनों के चालकों की शराब पीकर वाहन चलाने की जांच की जाती है। शहर सीमा में निर्धारित गति का कोई भी बोर्ड नहीं लगाया गया है।

धनराज मध्यानी के कहा कि सुबह 6 से रात 10 बजे हाइवा एवं भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। बावजूद इसके चौबीसों घंटे भारी वाहन एवं रेत गिट्टी एवं अन्य सामान से लदे ओवरलोडेड हाइवा बेरोकटोक किसी भी समय शहर में बेधडक़ दौड़ती रहती है। अधिकतर वाहन रायपुर मार्ग से आते है। जहां नवापारा नगर का थाना, तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय स्थित है। बावजूद इसके पुलिस एवं प्रशासन को ठेंगा दिखाते हाइवा शहर में बेखौफ दौड़ती है। नवापारा शहर गरियाबंद, धमतरी एवं महासमुंद जिलों को जोड़ता है। मुख्य व्यावसायिक नगर, एवं शिक्षा का केंद्र होने के कारण 100 से अधिक गांव के लोगों एवं छात्र-छात्राओं का नवापारा में व्यापार एवं शिक्षा के लिए रोज हजारों लोगों का आना जाना है। लिहाजा लगातार हो रही सडक़ दुर्घटना एवं मौत से आसपास के ग्रामीण भी दहशत में है। जिससे नवापारा नगर का व्यापार भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा पुलिस प्रशासन एवं जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करें तो बहुत सारी दुर्घटनाएं रोकी जा सकती है किंतु  क्या अब आम लोगों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए धरना प्रदर्शन करना होगा?


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